केंद्रीय चुनाव आयोग को लेकर हुए खुलासे के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का व्यवहार लोकतंत्र के लिए घातक है। चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार आपत्ति दर्ज कराई लेकिन फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। ये बताता है कि देश के कई राज्यों की बनी सरकारें असंवैधानिक हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भी चुनाव ने पक्षपात किया और जिन जगहों पर सपा के वोटर थे उन्हें चिह्नित कर वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। हमने जब इस पर एफिडेविड के साथ शिकायत की तब भी किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पता चलता है कि देश में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं। यूपी में हुए उपचुनाव में भी हमने देखा कि किस तरह बेईमानी की गई थी।