प्रकाश को थाने के चार्ज से क्यों हटाया गया? इसकी आधिकारिक वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। हालांकि चर्चा है कि रीलबाजी के कारण उन पर यह कार्रवाई हुई।
दरअसल प्रकाश सिंह को चार दिन पहले ही झूंसी कोतवाली का थानाध्यक्ष बनाया गया था। इससे पहले वह पासपोर्ट सेल में तैनात थे। चार्ज मिलने के बाद उनके थाने में पहुंचने पर कई लोगों ने बुके देकर स्वागत किया।
इस दौरान बनाए गए वीडियो और रील सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। इससे पहले भी उनके कई रील वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे।
रील बनाने के शौकीन, इंस्टाग्राम पर कई वीडियो प्रकाश सिंह सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में रील और वीडियो मौजूद हैं। थाने का चार्ज मिलने के बाद भी उनके स्वागत के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसी वजह से उनके अचानक हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर रील को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि पुलिस विभाग की ओर से यह नहीं बताया गया है कि प्रकाश सिंह को रील बनाने या सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते हटाया गया है। इसलिए इस संबंध में चल रही चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अप्रैल में मऊ में मारपीट का वीडियो हुआ था वायरल
प्रकाश सिंह 2015 बैच के दरोगा हैं और मूलरूप से मऊ के रहने वाले हैं। प्रयागराज आने से पहले वह वाराणसी में तैनात रहे हैं। 25 अप्रैल को मऊ में एक वीडियो सामने आने के बाद भी उनका नाम चर्चा में आया था। वीडियो में कुछ लोगों के साथ दरोगा प्रकाश सिंह के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही थी।
DCP बोले- इंस्पेक्टर रैंक के अफसर की तैनाती हुई
प्रकाश सिंह को झूंसी कोतवाली के चार्ज से हटाए जाने के बाद इंस्पेक्टर रैंक के अफसर को तैनात किया गया है। डीसीपी सिटी सागर जैन ने बताया कि झूंसी कोतवाली में इंस्पेक्टर रैंक के अफसर की तैनाती की गई है। प्रकाश सिंह को क्यों हटाया गया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।