वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वर्तिका शुभानंद ने एक गंभीर चोरी के मामले में थाना लोहता पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश आवेदक द्वारा दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया।
मामले के अनुसार, प्रार्थी ने आरोप लगाया कि उसके घर में योजनाबद्ध तरीके से चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें नगदी, आभूषण, कपड़े सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया गया। प्रार्थी के अनुसार, आरोपी पहले से उसके घर की गतिविधियों पर नजर रखता था और मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता रहा।
घटना के बाद प्रार्थी ने थाना लोहता में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली और धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पाया कि आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में बिना विवेचना के न्याय संभव नहीं है।
आदेश में न्यायालय ने थाना लोहता को निर्देशित किया कि मामले में तत्काल FIR दर्ज कर विधिक प्रक्रिया के तहत जांच सुनिश्चित की जाए और रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।