फरियादियों की न सुनने वाले अफसरों की अब छिनेगी कुर्सी, खराब प्रदर्शन वालों पर CM योगी की तिरछी नजर।

Vishal Dubey
0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही लखनऊ से लेकर गोरखपुर में जब भी मौका मिलता है तब जनता दर्शन के माध्यम से प्रदेशवासियों की समस्याएं सुनने के साथ ही उनका निस्तारण सुनिश्चित करते हैं लेकिन तमाम अफसर फरियादियों की शिकायतों को सुनने में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। जनशिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली करने वाले ऐसे अफसरों से मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं। लापरवाह अफसरों को पत्र लिखकर मुख्य सचिव जवाब-तलब कर रहे हैं। जल्द ही संबंधित अफसरों को मौजूदा कुर्सी से हटाने के साथ ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

दरअसल, सुशासन के मद्देनजर योगी सरकार ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों-समस्याओं के निवारण के लिए राज्य में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) और हेल्पलाइन की व्यवस्था कर रखी है। कोई भी व्यक्ति इनके माध्यम से अपनी शिकायत-समस्या का समाधान हासिल कर सकता है। गौर करने की बात यह है कि आइजीआरएस और हेल्पलाइन में दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों के निस्तारण पर मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे नजर रखता है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय ने मार्च में आइजीआरएस और हेल्पलाइन की रैंकिंग में बेहतर और बदतर प्रदर्शन करने वाले शासन से लेकर थाना व तहसील स्तर तक के अफसरों की सूची तैयार कराई है।

कई बार दी गई नसीहतों व निर्देशों के बावजूद अपनी कार्यशैली में सुधार न कर रैकिंग में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अफसरों के प्रति नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने खराब प्रदर्शन पर संबंधित अफसरों को पत्र लिख जवाब-तलब कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे अफसरों का तबादला कर महत्वहीन पदों पर भेजने के साथ ही उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)
To Top