Breaking News: एनकाउंटर मामले पर सपा-बसपा-कांग्रेस ने मिलाया सुर में सुर, उच्च स्तरीय जांच की मांग।

Vishal Dubey
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माफिया अतीक अहमद के बेटे असद को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुरुवार को झांसी में मुठभेड़ में मार गिराया। असद के साथ उसका साथी शूटर गुलाम मोहम्मद भी मारा गया। बता दें दोनों प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांछित थे और प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। एक तरफ जहां एसटीएफ की तारीफ हो रही है। वहीं, इस एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झूठा करार दिया।

अखिलेश बोले- भाजपा भाईचारे के ख़िलाफ
इस एनकाउंटर के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, "झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है। भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं। आजके व हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जाँच-पड़ताल हो व दोषियों को छोड़ा न जाए। सही-गलत के फ़ैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है। भाजपा भाईचारे के ख़िलाफ़ है।"

मायावती बोलीं- उच्च-स्तरीय जांच जरूरी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर लिखा है कि, "प्रयागराज के अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चाएं गर्म हैं। लोगों को लगता है कि विकास दुबे काण्ड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है। अतः घटना के पूरे तथ्य व सच्चाई जनता के सामने आ सके इसके लिए उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी।"

UP कांग्रेस ने कहा- मानवाधिकार का हनन किया गया
इस एनकाउंटर को लेकर UP कांग्रेस ने कहा कि, मानवाधिकार का हनन किया गया, उठाकर मार दिया। यहां के CM की 'ठोको नीति' अपराधियों के सिर चढ़ गई है। छोटी-छोटी बात में भी ठोक दो। ना पुलिस! ना थाना! ना FIR! ना मुकदमा! ना कोर्ट! ना जज! सीधा फैसला। जहां की सत्ता ही बुलडोजर और ठोकने से चलती हो। वहाँ जनता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

UP STF ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
बता दें कि, यूपी STF ने गुरुवार को झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक साथी गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके बाद UP STF ने असद एनकाउंटर पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। जिसमें उन्होंने कहा कि, हमने ऐसे माफियाओं और दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान छेड़ रखा है। जिसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं।

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