शुद्ध पानी के चक्कर में शहरवासी बैक्टीरिया वाला पानी गटक रहे हैं। यह पानी सेहत के लिए हानिकारक है और लोगों को बीमार कर सकता है। एक साल में प्लांटों से लिए गए पानी के 12 नमूनों में नौ असुरक्षित निकले हैं। वहीं दो नमूनों में पानी की बोतल या पाउच पर उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी पूरी नहीं दर्शाई थी। इन सभी के खिलाफ अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मुकदमे दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
शिकायतों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च तक 2023 तक शहर के कई स्थानों से पानी के 12 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। ज्यादातर नमूने पिछले साल सितंबर में लिए गए थे। सभी की जांच रिपोर्ट अब आ सकी है। नौ प्लांट का पानी जांच में पीने लायक नहीं पाया गया। मानकों पर खरा न होने के साथ ही इसमें बैक्टीरिया पाए गए। यह सभी नौ प्लांट बिना लाइसेंस के चल रहे थे। अब संबंधित न्यायालय में इन सभी के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराया जाएगा।
