काशी की वजह से दुनियाभर में देश को एक बार फिर इतराने का मौका मिला है। इसकी वजह बने हैं सिगरा क्षेत्र निवासी होनहार 21 वर्षीय नमन कपूर। छह से 18 नवंबर तक होने वाले 27वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP-27) में शामिल होने के लिए नमन मिस्र के शर्म अल शेख पहुंचे हैं।
वह संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCC) में जलवायु पर विश्वविद्यालयों के वैश्विक गठबंधन (GAUC) का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए हैं। चुनिंदा 14 शीर्ष वैश्विक युवा राजदूतों में नमन सबसे कम उम्र के और एकमात्र भारतीय हैं।
वैश्विक आबादी का 16% हिस्सा युवा हैं
नमन ने मिस्र से फोन पर 'दैनिक भास्कर' से कहा कि 15 से 24 साल की आयु वर्ग के लोग युवा कहलाते हैं। वैश्विक आबादी का 16% हिस्सा युवा हैं। फिर भी, युवाओं को नीति निर्माण के मंच पर प्रतिनिधित्व बहुत कम दिया जाता है, जो सही नहीं है। मैं जलवायु परिवर्तन पर युवाओं की सोच को दुनिया के सामने रखना चाहता हूं। हम मिस्र में क्लाइमेट फाइनेंस और क्लाइमेट गवर्नेंस पर फोकस करेंगे।
जलवायु परिवर्तन हमारे लिए बड़ा मुद्दा
नमन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हमारे देश के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा असर दुनिया में भारत की आबादी पर होता है। यह हमें कुपोषण सहित अन्य तरह की समस्याओं के तौर पर देखने को मिलता भी है। मैं आशा करता हूं कि COP-27 में दुनिया के विकासशील देशों को विकसित देशों द्वारा सपोर्ट किया जाएगा।
