सपा नेता मोहम्मद आजम खां की सल्तनत को नेस्तानाबूत करने वाले IAS आन्जनेय कुमार सिंह की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। अब आन्जनेय तक पहुंचने वाले हर शख्स को पहले मेटल डिटेक्टर स्कैनिंग से होकर गुजरना होगा। इसके लिए आन्जनेय के ऑफिस के बाहर DFMD यानी डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के साथ एक पुलिस टीम तैनात कर दी गई है।
बता दें कि आन्जनेय कुमार सिंह इस वक्त मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर हैं। 2019 में जब रामपुर में आजम खां के खिलाफ एक्शन का सिलसिला शुरू हुआ, उस वक्त आन्जनेय रामपुर के कलेक्टर थे। आन्जनेय के बारे में दी गई हेट स्पीच की वजह से आजम खां को तीन साल की सजा हुई है। जिसके बाद आजम खां की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद से ही आन्जनेय कुमार सिंह सुर्खियों में हैं।
आजम के खिलाफ फैसला आने के बाद बढ़ी सुरक्षा
कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह की सुरक्षा आजम के खिलाफ फैसला आने के तुरंत बढ़ाई गई है। 27 अक्टूबर को हेट स्पीच के मामले में सपा नेता मोहम्मद आजम खां को रामपुर MP-MLA कोर्ट से तीन साल की सजा हुई। इसके अगले दिन यानी 28 अक्टूबर को आईएएस आन्जनेय की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चिट्ठी जारी की गई। तय हुआ कि आन्जनेय से मिलने आने वाले सभी मुलाकातियों और फरियादियों की चेकिंग की जाएगी। इसके बाद कमिश्नर ऑफिस पर डीएफएमडी के साथ पुलिस टीम तैनात कर दी गई।
कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह की सुरक्षा आजम के खिलाफ फैसला आने के तुरंत बढ़ाई गई है। 27 अक्टूबर को हेट स्पीच के मामले में सपा नेता मोहम्मद आजम खां को रामपुर MP-MLA कोर्ट से तीन साल की सजा हुई। इसके अगले दिन यानी 28 अक्टूबर को आईएएस आन्जनेय की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चिट्ठी जारी की गई। तय हुआ कि आन्जनेय से मिलने आने वाले सभी मुलाकातियों और फरियादियों की चेकिंग की जाएगी। इसके बाद कमिश्नर ऑफिस पर डीएफएमडी के साथ पुलिस टीम तैनात कर दी गई।
