इसके अलावा जिले के सभी ब्लाॅक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी- ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक में इमरजेंसी सेवा तत्काल मुहैया कराने का निर्देश जारी किया गया है। साथ ही शहरों के चिन्हित प्राइवेट अस्पतालों को भी दो टूक कह दिया गया है कि इमरजेंसी और एंबुलेंस सेवा को एक्टिव रखे।
ड्रेस कोड में रहेंगे अस्पताल के सभी स्टाफ
वाराणसी के CMO डॉ. संदीप चौधरी ने इन सभी अस्पतालों के CMS और मैनेजरों के साथ आज बैठक में यह फैसला लिया। कहा कि इमरजेंसी सेवा तत्काल करने के साथ ही पर्याप्त मात्रा में दवाएं और मेडिकल फैसिलिटिज समय से पहले ही अरेंज कर ली जाएं। इमरजेंसी ड्यूटी में लगे डाॅक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि वह निर्धारित ड्रेस कोड में ही रहे। समय के मुताबिक अस्पताल में मौजूद होकर मेडिकल और ट्रीटमेंट संबंधी काम करेंगे। जिससे किसी भी इमरजेंसी मामले में कोई मुश्किल हालात न पैदा हों। साथ ही 108/102 एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर को कहा गया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में वाहन समय से घटना स्थल और अस्पताल तक पहुंच जाए।
इन प्राइवेट अस्पतालों में भी बेड आरक्षित
CMO ने प्राइवेट अस्पतालों रामकृष्ण मिशन होम ऑफ सर्विस, मारवाड़ी, माता आनंदमयी, आलोक, संवेदना, हिंदू सेवा सदन, PMC, शुभम, लक्ष्मी, मेडविन, बिड़ला और ओरियाना हॉस्पिटल में 10-10 बेड आरक्षित करवाने का निर्देश दिया है। वहीं IMA और नर्सिंग होम एसोसिएशन बनारस शाखा के अध्यक्ष और सचिव से आग्रह किया कि अपने स्तर से इन अस्पतालों को दिशा-निर्देशों का पालन के लिए गाइड करते रहे।
