पहला मामला बस्ती जिले का है। यहां विभागीय पोल का गलत इस्तेमाल किया गया। 3 लोगों पर आरोप लगा और सभी आरोपी प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए हैं। इस मामले में एक्सईएन संतोष कुमार, एसडीओ मनोज कुमार यादव और जूनियर इंजीनियर कृष्ण मोहन यादव को निलंबित किया गया है। सरकारी पोल से निजी निर्माण कराने के साथ विभाग को लाखों रुपए का नुकसान भी पहुंचाया था। इनके खिलाफ शिकायत की गई थी। जांच बैठी तो सभी आरोप सही साबित हुए।
लाइन लॉस कम नहीं हुआ तो कार्यवाही
लाइन लॉस कम करने और रेवेन्यू बढ़ाने में असफल रहे तीन इंजीनियरों को सस्पेंड किया गया है। विभाग की तरफ से इनको पहले भी चेतावनी दी गई थी लेकिन उसके बाद भी अपना काम ठीक से नहीं करने पर यह कार्रवाई हुई है। इसमें सैदपुर में तैनात एसडीओ मंगला प्रसाद, सिद्धार्थनगर में तैनात जूनियर इंजीनियर पंकज कुमार और सकलडीहा में तैनात जेई अजय पटेल को निलंबित कर दिया गया है। इनके निलंबन का आदेश 25 जून को आ गया था। हालांकि विभागीय कार्रवाई दो दिन बाद की गई है।
अभियंता संघ से लेकर जूनियर इंजीनियर करेंगे विरोध
जानकारों का कहना है कि इस कार्रवाई के खिलाफ अभियंता संघ और जूनियर इंजीनियर संगठन की तरफ से विरोध दर्ज कराया जा सकता है। पहले भी दोनों संगठन पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन पर बेवजह परेशान करने और गलत तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगा चुका है।
पिछले दिनों इंजीनियरों ने ऐसी कार्रवाई के खिलाफ कार्य बहिष्कार करने व सार्वजनिक अवकाश पर जाने का ऐलान तक कर दिया था। हालांकि ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मिलने के बाद आंदोलन स्थगित हो गया था।
