सरकारी दावे सिर्फ कागजों की जुबानी ही पूरे किए जा रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने जब हमला किया था तो लापरवाही और लचर व्यवस्थाओं के चलते सैकड़ों संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई थी। अब तीसरी लहर की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग जिले में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होने का दावा कर रहा है। 300 बेड कोविड अस्पताल में प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव रविंद्र कुमार ने कोरोना संक्रमण के इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो अधिकतर तैयारियां आधी-लैब दिखाने पहुंचे तो वो भी बंद मिली
स्वास्थ्य सचिव रविंद्र कुमार दो बजे 300 बेड कोविड हास्पिटल पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने वयस्कों का आइसीयू और वेंटीलेटर वार्ड देखा। इसके बाद वह पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू वार्ड) देखने पहुंचे। स्वास्थ्य सचिव ने सीएमओ डा.बलवीर सिंह, 300 बेड कोविड अस्पताल प्रभारी डा.वागीश वैश्य की मौजूदगी में बेड का वेंटिलेटर आन करने को कहा। कर्मचारी लगे लेकिन पीकू वार्ड में किसी भी बेड का वेंटीलेटर आन नहीं हुआ। बाद में बताया गया कि जनरेटर से फिलहाल कनेक्शन सप्लाई नहीं है। जिस समय वेंटीलेटर आन कर रहे थे, उस समय बिजली नहीं थी। इसलिए वेंटीलेटर नहीं चले।
