बनारस स्टेशन पर "पीली पर्ची" से लूट का पर्दाफाश ! स्टैंड संचालक पर FIR, ठेका रद्द — अब चलेगी सिर्फ डिजिटल रसीद

Vishal Dubey
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वाराणसी | रेलवे पार्किंग घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

बनारस रेलवे स्टेशन पर फर्जी पर्चियों के जरिए चल रहे पार्किंग घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। स्टेशन के प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वार पर मनमानी शुल्क वसूलने वाले स्टैंड संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही रेलवे प्रशासन ने उसका ठेका तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।

क्या था मामला?
महमूरगंज निवासी डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने शिकायत की थी कि प्लेटफार्म संख्या 1 की ओर बाइक स्टैंड पर 24 घंटे के 2400 रुपये तक वसूले जा रहे हैं — जो प्रति घंटे 100 रुपये बैठता है! साइकिल के लिए भी 1200 रुपये तक की वसूली हो रही थी। यह दरें देश के किसी भी स्टेशन की तुलना में अकल्पनीय हैं। शिकायतकर्ता ने मशीन से डिजिटल रसीद जारी करने की मांग की थी।

रेलवे प्रशासन की सख्ती:
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब केवल डिजिटल पर्ची ही वैध मानी जाएगी। छपी हुई पर्चियों पर सख्त पाबंदी लगाते हुए चेतावनी दी गई कि अगली बार ऐसी गलती होने पर सीधा टेंडर रद्द और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नया अधिकृत रेट कार्ड:

* साइकिल:

  * 6 घंटे तक: ₹5
  * 6–12 घंटे: ₹10
  * 12–24 घंटे: ₹20
* बाइक:

  * 12 घंटे: ₹15
  * 24 घंटे: ₹20

अन्य कार्रवाइयाँ:
रेलवे प्रशासन ने सिर्फ ठेकेदार नहीं, बल्कि स्टेशन के जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे का संदेश स्पष्ट है — जनता से लूट नहीं सहेंगे!


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