Jaunpur News: जौनपुर में सगे भाई-बहन ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्या,अपने और भाई के भविष्य को लेकर हताश हो चुकी थी पुष्पा।

Vishal Dubey
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जौनपुर के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में सिधाईं गांव में सगे भाई बहन के फांसी लगाकर आत्महत्या करने के पीछे भविष्य को लेकर दोनों की हताशा मुख्य वजह के तौर पर सामने आई है। घटनास्थल पर मिले मृतक पुष्पा के सुसाइड नोट से साफ हुआ कि अपाहिज भाई की देखरेख करते-करते बहन थक गई थी। भविष्य में उसे कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फांसी लगाने से आत्महत्या की पुष्टि हुई।

पुष्पा को भाई के भविष्य को लेकर थी चिंता

मंगलवार शाम सिधाईं निवासी युवक राजकपूर और उसकी बहन पुष्पा की लाश घर के कमरे में पंखे के सहारे एक ही साड़ी से बनाए गए फंदे से लटकी मिली थी। युवक तीन साल पहले एक हादसे में अपाहिज हो गया था। विवाहित होने के बावजूद छोटी बहन पुष्पा ही उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाती थी। पुष्पा को भाई के भविष्य को लेकर चिंता अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जो पुष्पा ने लिखा था। सुसाइड नोट में पुष्पा ने लिखा कि "मैं सुसाइड करने जा रही हूं क्योंकि मैं अपने भाई को अब और इस तरह से नहीं देख सकती। मैं अपनी जिंदगी से थक हार गई हूं। अतः इस निर्णय के लिए मुझे माफ कर दीजिएगा। क्योंकि आने वाला समय मेरे भाई के लिए अच्छा नहीं है। " बुधवार शाम जब दोनों का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा, तो लोगों की आंखों में आंसू और भाई बहन के आत्मघाती कदम को लेकर अफसोस था।

प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से आत्महत्या की पुष्टि हुई है।

बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी पुष्पा

पुष्पा राजकीय महिला महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। बुधवार को प्रैक्टिकल की परीक्षा भी थी। मृतक राजकपूर चार भाइयों में सबसे छोटा और पुष्पा तीन बहनों में सबसे छोटी थी। राजकपूर पहले दर्जी का काम करता था। लेकिन तीन साल हुए पहले एक हादसे में वो अपाहिज हो गया था। विवाहित होने के बावजूद पत्नी रेनू की बजाय बहन पुष्पा ही उसकी देखभाल करती थी। मंगलवार को सुबह ही राजकपूर की पत्नी किसी धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेने जालंधर चली गई थी।

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