सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अग्निपथ योजना को बरकरार रखने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ ने मामले को दस अप्रैल को सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया। अग्निपथ योजना की घोषणा से पहले केंद्र ने सशस्त्र बलों में विभिन्न पदों पर भर्तियों की घोषणा की थी। कुछ भर्तियां चल रही थीं तो कुछ मामलों में चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट लगने वाली थी लेकिन अग्निपथ योजना लाने के बाद केंद्र ने लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को रद कर दिया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अग्निपथ योजना को बरकरार रखते हुए थलसेना और वायु सेना द्वारा पूर्व में शुरू की गई भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अग्निपथ योजना के तहत साढ़े 17 से 23 वर्ष की आयु के लोग सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनका कार्यकाल चार साल का होगा। इस मामले में अब 10 अप्रैल को सुनवाई होगी।
पीठ ने कहा कि प्रतियोगी पक्षों के वकील लिस्टिंग की अगली तारीख से कम से कम दो दिन पहले अपनी संक्षिप्त दलीलें ईमेल के माध्यम से दाखिल करेंगे। उच्च न्यायालय ने 27 फरवरी को कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रशंसनीय उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय हित में तैयार की गई थी।
