BHU में एमए कला के छात्र संतोष कुमार द्वारा दी गई तहरीर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, BHU में 21 दिसंबर की रात 9.30 बजे संतोष अपने बिड़ला हॉस्टल के कमरे में थे। वहां, रहने वाले दूसरे छात्र ने शराब पीकर संतोष को गालियां दी। उसके रूम पर मौजूद दूसरे लड़के ने उसका पैर छूने के लिए बाध्य किया। ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो धक्कामुक्की हुई और जातिगत गालियां दी गईं। संतोष ने कहा कि उसने इसका विरोध किया, तो उन्होंने हाथ उठा दिए। जो भी सामान मिला, उससे मारना शुरू कर दिया।
मेरे चेहरे पर बाल्टी और टब से मारा
संतोष के मुताबिक कहा, ''मेरे चेहरे पर बाल्टी और टब से मारा। वहीं मेरी गर्दन भी दबाने का प्रयास हुआ। वहां पर उसके कुछ और भी दोस्त थे, उनसे रोकने की अपील की, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद बचाव में भागते हुए कला संकाय तक आया। वे लोग पीछा करते हुए वहां पहुंचे तो भागकर भारत कला भवन के पास पहुंचा। वहां पर सिक्योरिटी गार्ड के पास रूका और वार्डेन को फोन कराया। इसके बाद वार्डेन डॉ. विनायक दुबे को देखकर सभी छात्र वापस लौट गए।''
छात्र बोले- गुमराह किया जा रहा है
इस घटना के बाद चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में शिकायत की। वहां से मेरी कंप्लेन लंका थाने को फॉरवर्ड की गई, मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। BHU-बहुजन इकाई के छात्रों ने कहा कि पीड़ित को गुमराह किया जा रहा है। हम FIR दर्ज कराकर ही मानेंगे।
