आज जिले के अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों और उनके तीमारदारों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। साथ ही सोशल डिस्टेसिंग, हैंड सैनिटाइजेशन और मास्क के प्रयोग को अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए कहा गया है। यह व्यवस्था सभी सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी लागू होगी।
वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डाॅ. संदीप चौधरी ने बताया कि चीन समेत अन्य कई देशों में कोविड के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा और जिलाधिकारी एस.राजलिंगम के निर्देश पर शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल, पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल (रामनगर), सभी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जिलों के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में यह डेस्क स्टार्ट करने का निर्देश जारी किया गया है।
IPC प्रोटोकॉल का पूरी तरह हो पालन
संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित IPC प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाए। कोविड हेल्प डेस्क / फीवर डेस्क में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, मास्क और सैनिटाइजर रखे जाएं।
अस्पताल आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्कैनिंग जरूर की जाए। बाहर से आने वाले लोगों के तापमान का एक रिकॉर्ड रखा जाए। हैंड सैनिटाइजेशन और हैंडवाश की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बायोमेडिकल का हो निस्तारण
सोशल डिस्टेंसिंग यानि 2 गज की दूरी का पालन हर हाल में सुनिश्चित हो। मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से कराया जाए। कोविड हेल्प डेस्क पर और प्रतिष्ठान में कोविड से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार की सामग्री भी प्रदर्शित की जाए।
इसके साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार सुनिश्चित कराया जाए। CMO ने बताया कि यह व्यवस्था सभी पैथालॉजी, दंत शल्यक, डायग्नोस्टिक सेंटर के साथ ही आयुष्मान भारत से जुड़े सभी प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी लागू होगी।
