बच्चे की स्थित को देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तत्काल गैस कटर मशीन मंगाई। इसके बाद छह फीट सरिया के साथ काटकर बच्चे को नीचे उतारा गया। इसके बाद दोनों से तरफ से सरिया काटकर तीन फीट छोड़ा गया। बच्चे को जब बीएचयू के ट्रामा सेंटर में लाया गया तो तत्काल आपरेशन किया गया, चिकित्सकों की कड़ी मशक्कत के बाद प्रांजल ने मौत को मात दी है। सारी दवाएं, उपकरण सेंटर की ओर से मुफ्त में मुहैया कराई गई।