जीवन से खिलवाड़ हुआ तो भेज दूंगा जेल में : आयुक्त श्री योगेश्वर राम मिश्र
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भरी मीटिंग स्वास्थ्य विभाग के मनमानेपन का कमिश्नर ने किया ऑपरेशन
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लापरवाही से कोई मरा तो सीधे लगेगी धारा 302
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सही काम पर पूरे मन से मदद करता हूं तो तिकड़म वालों के लिए परशुराम हूं।
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अस्पताल में अब इंसान को जानवर की मौत नहीं मरने देंगे-प्रिंसिपल, मेडिकल कालेज
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मिर्जापुर। बीमारे-हाल के दौर से गुजर रहे अस्पताल का इलाज करने में इन दिनों मण्डल के आयुक्त श्री योगेश्वर राम मिश्र खुद लग गए हैं। उनकी तीसरी आंख मण्डलीय अस्पताल और महिला अस्पताल की ओर इन दिनों हो गई है। इससे अस्पताल दो महीने पहले ही पूस-माघ के जाड़े की तरह थर-थर कांप रहा है। किसी डॉक्टर को लूज मोशन होने लगा है तो किसी का टेम्प्रेचर सौ डिग्री से ऊपर हो गया है।
*समीक्षा बैठक के केंद्र में रहा स्वास्थ्य विभाग*
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बुधवार, 21 सितंबर को मण्डलीय समीक्षा बैठक चल रही थी। एक-एक विभाग के नम्बर के बाद जब स्वास्थ्य विभाग का नम्बर आया तो आम जनता से मिले फीड बैक से आहत कमिश्नर ने उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि असप्ताल को 'आधुनिक दौर का मॉल' बनाने की सूचनाएं मिल रही हैं। मॉल की तरह एक ही छत की नीचे विविध वस्तुओं की बिक्री की तरह अस्पताल को भरपूर आमदनी का केंद्र जो बना दिया गया है, उसे खुद ही ध्वस्त चिकित्सक और अन्य कर्मी तथा उनसे जुड़े प्राइवेट लोग कर दें, वरना जेल के कुछ बैरक इन लोगों के लिए सुरक्षित कर देने का मन उन्होंने बना लिया है।
*यदि मैं गलत बोल रहा हूं तो कहो कि ऐसा नहीं है..पर सब साधे रहे चुप्पी*
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तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों और मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कमिश्नर श्री मिश्र ने कहा कि यदि मैं कुछ गलत बोल रहा हूं तो उठ कर कहो कि वे गलत है। पल भर नहीं लगेगा और वे अपनी बात वापस ले लेंगे। लेकिन कोई कुछ बोल न सका। उन्होंने कतिपय चिकित्सकों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें धौंस से नहीं बल्कि डॉक्टर की तरह सेवा करनी चाहिए।
*परशुराम हूं तो मदद भी करता हूं*
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कमिश्नर श्री मिश्र ने कहा कि सरकारी सेवा में फर्जीगिरी, तिकड़म और लूटपाट के मामले में वे परशुराम बन जाते हैं। कोई मुरव्वत नहीं कर सकूंगा । लोकहित के काम में यदि कोई दिक्कत किसी अधिकारी को आती है और बिना लागलपेट के अपनी बात कहता है तो वे हर संभव मदद भी करते हैं।
*DC, NRLM एवं पूर्व EO, नगरपालिका की कसी लगाम*
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कमिश्नर से आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मानक के विपरीत झंडा बिक्री की शिकायत की गई थी। जांचोपरांत उनकी भी लगाम कसी गई है। अब तक वे उक्त पद के अलावा DC, मनरेगा भी थे लेकिन 30 अगस्त से NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से उन्हें मुक्त कर दिया गया। इसी तरह नगरपालिका परिषद, मिर्जापुर के पूर्व EO के निलंबन की मुकम्मल पत्रावली शासन में भेज दी गई है।
*अब तक जिसकी फाइल भेजी, सब पर (√) टिक लग कर आया है*
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कमिश्नर श्री मिश्र ने अपने लगभग पौने दो वर्षों के कार्यकाल में जिन-जिन विभागों पर लाल निशान लगा दिया, उन सभी विभागों की पत्रावली 'ओके' होकर आई है। यद्यपि आवश्यकतानुसार वे देशी नागरिकों की तरह भोजपुरिया स्टाइल में पेश आते रहे हैं तो रौद्र रूप पर उल्कापात भी होते लोगों ने देखा है। बहरहाल स्वास्थ्य के मामले में प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज कमिश्नर की मंशा को अंजाम देने में लगे है। मात्र 2/3 दिनों में अस्पताल की सेहत सुधरने की रिपोर्ट मिल रही है, जिससे जिले के लोगों में आशा जगी है कि अब इंसान की स्थिति जानवर की मौत जैसी नहीं होगा
