योगी की छवि एक सख्त प्रशासक की है। वह अक्सर अपने राज्य के लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन की बड़ाई करते भी नजर आते हैं।
यहां तक की भूमिका हमने इसलिए तानी कि आगे हम आपको बताने वाले हैं, RSS कार्यकर्ताओं और प्रचारकों की यूपी में पिटाई की कुछ घटनाएं...
बरेली हो या अमेठी, हर जगह पिट रहे हैं RSS कार्यकर्ता
बरेली से गुरुवार यानी 16 जुलाई को RSS के एक प्रचारक की पिटाई का मामला सामने आया। 8 पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि उन्होंने RSS प्रचारक आर्येंद्र कुमार को बुरी तरह पीटा और थर्ड डिग्री टॉर्चर भी किया।
इसके बाद संघ कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिला। संघ की नाराजगी के बाद मामला सीधे दिल्ली पहुंच गया। फिर, SSP के आदेश पर अज्ञात संघ के पदाधिकारी और 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा खत्म कर दिया गया। पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी सुनील अहलावत को लापरवाह मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। मामले में सुभाषनगर चौकी इंचार्ज समेत 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
दरोगा से हुई थी बहस
बदायूं मार्ग पर रहने वाले RSS मथुरा महानगर के प्रचारक आर्येंद्र कुमार कुछ दिन पहले बरेली अपने घर आए थे। उनकी मां की तबीयत खराब थी। वह गुरुवार शाम अस्पताल से लौट रहे थे। करगैना चौकी पर तैनात दरोगा अंकित कुमार की गाड़ी उनकी मोटरसाइकिल के पीछे थी। आर्येंद्र उनके वाहन को आगे निकलने की जगह नहीं दे सके। इससे नाराज दरोगा ने मोटर साइकिल से आगे निकल कर उसे रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने आर्येंद्र को पीट दिया।
मामले में स्थानीय सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने जब दखल दिया। उनके लोगों ने बदायूं रोड को बंद करवा दिया, उसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया।
