वाराणसी में रेशम फर्म के मैनेजर को GST में छूट दिलाने का झांसा देकर 2 करोड़ रुपए ठगने वाले चार अंतरराज्यीय ठगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है। चेतगंज थाने की पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का सरगना सचिन दत्त शर्मा अजमेर नगर निगम का बाबू है।
सचिन अजमेर में सावित्री चौराहा नगीनाबाग के साथ ही दिल्ली में दशरथपुरी द्वारिका में रहता है। उसके गिरोह के सदस्य हिसार का पंकज भारद्वाज, दिल्ली के करोलबाग का रोहन खिंची और दिल्ली के मल्कागंज का तरुण गौतम है। चारों आरोपी बीती 29 अप्रैल से वाराणसी की जिला जेल में बंद हैं।
20 अप्रैल को ठगे थे 2 करोड़ रुपए
मलदहिया में बेगलूरु की एक रेशम फर्म की ब्रांच है। ब्रांच मैनेजर के तौर पर अंकित शुक्ला काम करता था और उसका साला अश्विनी पांडेय था। बीते अप्रैल महीने में अंकित और अश्विनी से अभिषेक गोयल और यश मित्तल मिले। अभिषेक और यश ने बताया कि उनका ऑफिस पिशाचमोचन में है।
वह अपने एक्सपर्ट सीए की मदद से बड़ी फर्मों को GST में भारी छूट दिलाने का काम करते हैं। इसके बदले में वह कमीशन लेते हैं। 2-3 बार की बातचीत के बाद अंकित और अश्विन भी GST में छूट लेने को तैयार हो गए। 20 अप्रैल को अंकित और अश्विनी 2 करोड़ रुपए नगद लेकर अभिषेक और यश के पिशाचमोचन स्थित ऑफिस पहुंचे।
ऑफिस में आगे-पीछे से दो दरवाजे थे। अंकित और अश्विनी को पहले कमरे में बैठा कर उनका पैसा लेकर अभिषेक और यश अंदर चले गए। थोड़ी देर बाद अंकित और अश्विनी को पता लगा कि वहां कोई नहीं है और वह ठगे गए हैं। बाद में उन्हें पता लगा कि अभिषेक और यश नाम भी फर्जी था और जहां उन्हें बुलाया गया था वह कोई ऑफिस नहीं था।
मुंबई और गाजियाबाद से हुए थे गिरफ्तार
पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ठगों की गिरफ्तारी का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंपा था। 28 अप्रैल को चारों ठगों को मुंबई के पांच सितारा होटल और गाजियाबाद से 1.87 करोड़ रुपए के साथ गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में सामने आया था कि इस गिरोह ने लखनऊ, इटावा, मेरठ के अलावा दिल्ली और कई अन्य राज्यों में इसी तरह से लोगों को ठगा है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद चारों ठगों पर अब और शिकंजा कसेगा।
