इससे श्रद्धालुओं को बैठने और आरती देखने में दिक्कतें भी हुईं। अस्सी घाट के सामने वाले रेत तो पूरी तरह से बह गए हैं। दशाश्वमेध के सामने वाले रेतों में कटान बहुत तेजी से जारी है। फिलहाल, यहां तीन-चौथाई रेत गंगा में बह चुके हैं।
गंगा अभी खतरे के निशान से साढ़े सात मीटर दूर हैं। वहीं वार्निंग लेवल से साढ़े 6 मीटर। गंगा में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की औसत से पानी बढ़ रहा है। आज गंगा का जलस्तर 63.54 मीटर पर आ गया है। वहीं कल 63.54 मीटर, सोमवार को 62.56 मीटर, रविवार को 62.36 मीटर और शनिवार को 61.76 मीटर था।
बोटिंग करने वालों पर पुलिस की नजर
गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और बोटिंग करने वालों पर पुलिस द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। शाम 6 बजे के बाद बोटिंग करने वालों को हटाया जा रहा है। दशाश्वमेध घाट की आरती कराने वाले गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि इस साल पहली बार आरती स्थल में बदलाव हुआ है। जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ेगा, वैसे-वैसे आरती के स्थान को ऊपर किया जाएगा। आरती स्थल बदलने के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
