फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर आज वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने कुलपति को वाहन सहित घेर लिया। BHU के सेंट्रल ऑफिस के बाहर इन छात्रों को हटाने के लिए सुरक्षाधिकारियों के बीच कहासुनी हाथापाई और तोड़फोड़ पर उतर आई। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों को देख प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के हाथ-पांव फूलने लगे। कार में सवार कुलपति को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने एक-एक करके छात्रों को हटाना शुरू किया तो, दूसरे छात्र उनकी जगह लेने लगे। इस बीच प्रॉक्टोरियल बोर्ड और छात्रों के बीच तनाव बढ़ता देख बड़ी संख्या में सुरक्षागार्डों को बुला लिया गया। वहीं कई छात्र तो वीसी की गाड़ी आगे लेट भी गए। वहीं सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें घसीट-घसीट कर हटाया तो कार के ड्राइवर ने तेजी से बैक करके इनोवा कार को छात्रों के बीच से निकाल लिया। इस दौरान एक छात्र और दो-तीन सुरक्षाकर्मियों को कार से धक्का भी लगा। इसके बाद छात्रों ने वहां रखे कई गमले तोड़ दिए।
वाराणसी में एक ओर जहां बच्चों को नए सत्र में किताब-काॅपी और यूनिफार्म के लिए पिछले साल के मुकाबले 20% अधिक दाम चुकाना पड़ रहा है तो वहीं काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आज भगत सिंह मोर्चा के छात्र फीस वृद्धि के विरोध में सेंट्रल ऑफिस को घेरकर धरने पर बैठै हैं। छात्रों का कहना है कि अकस्मात 400 रुपए फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आज 400 रुपए कम लग रहे हैं, मगर ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में फीस 10 हजार रुपए तक जा सकती है।
छात्रों ने कहा कि उन्होंने बीते 28 मार्च को भी धरना प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी थी। उस दिन विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दिया था और जिस 2 अप्रैल तक ठोस फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था। मगर आज 6 अप्रैल हुआ विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। इससे नाराज होकर छात्रों ने आज सेंट्रल ऑफिस पर फिर से धरना देने का फैसला लिया है। छात्रों का कहना है कि वे आज से अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठ चुके हैं। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती, तब तक छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं होगा।
400 से बढ़कर 10 हजार हो सकती है फीस
एक छात्र ने आंदोलन के दौरान अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि सर सुंदरलाल में डॉक्टर को दिखाने की पर्ची 20 से 30 रुपए कर दी गई है। तीन-चार घंटे भीड़ में लगने के बाद डॉक्टर देखते है, वहीं जांच में पहले से काफी रेट बढ़ा दिया गया है। मेडिकल स्टोर पर दवाईयां महंगी कर दी गईं। छात्रों की फीस धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। आज हमारी सलाना फीस 400 रुपए फीस बढ़ा दी गई है। यदि इसे अचानक से 4000 रुपए तक बढ़ाया जाता तो यहां पर 5000 बच्चे आंदोलन पर जुट जाते। विश्वविद्यालय इसलिए धीरे-धीरे बढ़ा रहा है क्योंकि छात्रों को पता न चल पाए। आज जो 325 रुपए फीस लग रही है। आने वाले कुछ सालों में यह 9 से 10 हजार रुपए से ऊपर जा सकता है। कुलपति के किसी नजदीकी व्यक्ति ने बताई है। उसने कहा कि अभी तो फीस वृद्धि कुछ भी नहीं हुई है। आगे हम कई गुना बढ़ोतरी करने वाले हैं।
एक छात्र ने आंदोलन के दौरान अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि सर सुंदरलाल में डॉक्टर को दिखाने की पर्ची 20 से 30 रुपए कर दी गई है। तीन-चार घंटे भीड़ में लगने के बाद डॉक्टर देखते है, वहीं जांच में पहले से काफी रेट बढ़ा दिया गया है। मेडिकल स्टोर पर दवाईयां महंगी कर दी गईं। छात्रों की फीस धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। आज हमारी सलाना फीस 400 रुपए फीस बढ़ा दी गई है। यदि इसे अचानक से 4000 रुपए तक बढ़ाया जाता तो यहां पर 5000 बच्चे आंदोलन पर जुट जाते। विश्वविद्यालय इसलिए धीरे-धीरे बढ़ा रहा है क्योंकि छात्रों को पता न चल पाए। आज जो 325 रुपए फीस लग रही है। आने वाले कुछ सालों में यह 9 से 10 हजार रुपए से ऊपर जा सकता है। कुलपति के किसी नजदीकी व्यक्ति ने बताई है। उसने कहा कि अभी तो फीस वृद्धि कुछ भी नहीं हुई है। आगे हम कई गुना बढ़ोतरी करने वाले हैं।
