उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच वाराणसी में क्रिसमस से एक दिन पहले विवाद की स्थिति पैदा हो गई। शुक्रवार को चांदमारी क्षेत्र स्थित चर्च के गेट के सामने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर आरती की। यह सब कुछ वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस के सामने हुआ।
आरोप है कि इस दौरान चर्च में आने-जाने वालों के साथ दुर्व्यवहार भी हुआ, लेकिन पुलिस सब कुछ चुपचाप देखती रही। पूजापाठ के बाद बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि ईसाई मिशनरियों ने धर्मांतरण कराना बंद नहीं किया, तो वे चर्च में घुस कर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
सारनाथ क्षेत्र से निकला था बाइक जुलूस
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद एक माह तक वाराणसी में विविध कार्यक्रम हो रहे हैं। इसके मद्देनजर इन दिनों यहां पुलिस और प्रशासन के स्तर से अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ता सारनाथ से बाइक में जुलूस लेकर निकले।
बाइक जुलूस चांदमारी स्थित चर्च के पास पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। यहां बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने चर्च के गेट के पास हनुमानजी की तस्वीर एक टेबल पर रखकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया।
हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ हनुमानजी की आरती उतारी गई और जयश्री राम के नारे लगाए गए। चर्च से आने-जाने वाले कुछ लोगों का कहना था कि उनसे भी जय श्रीराम के नारे जबरन लगवाए गए और दुर्व्यवहार भी किया गया।
धर्मांतरण के केस सबसे ज्यादा यहीं से आते हैं
बजरंग दल संयोजक निखिल त्रिपाठी रुद्र ने कहा कि जिले में धर्मांतरण के सबसे अधिक केस चांदमारी क्षेत्र से आते हैं, इसलिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस पर रोक लगाने की भी जरूरत है। वहीं, विहिप महानगर मंत्री राजन गुप्ता ने बताया कि चांदमारी स्थित चर्च में विशेष धर्म के सदस्यों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन होना था।
बजरंग दल के सदस्यों को जब इसकी सूचना मिली, तो उन्होंने कार्यक्रम आरंभ होने से पहले ही इसका जमकर विरोध किया। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराने के लिए होता है।
ऐसे कार्यक्रमों में लोगों के रोग दूर करने का जाल बिछाकर उन्हें सम्मोहित करके और प्रलोभन देकर उनका धर्म बदला जा रहा है। इसलिए इसका विरोध किया गया है। हम सभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से धर्मांतरण पर पूरी तरह से सख्ती के साथ प्रतिबंध लगाने की मांग करते हैं।
