अस्पताल या किसी डॉक्टर के यहां से गाड़ी के उठाने पर मनाही है। काफी देर तक गाड़ी वहां खड़ी और यातायात प्रभावित हो रहा है तभी गाड़ी वहां से उठ सकती है। उससे पहले लाउड स्पीकर से पहले चेताया जाता है। लेकिन नगर निगम की टीम वसूली करने में सब भूल जाती है। सोमवार को भूतनाथ में डॉक्टर को दिखाने गए हाईकोर्ट के वकील पीयूष मिश्रा की गाड़ी वहां उठा ली। आरोप है कि उठाने गई टीम के लोगों ने गाड़ी से 20 हजार रुपए केस भी निकाल लिया है। इस दौरान गाजीपुर थाने पर विवाद भी हुआ।
पीयूष मिश्रा ने आरोप लगाया गया है नगर निगम के लोग बदतमीजी करते है। गाड़ी से पैसा निकालने के बारे में पूछा गया तो वह लोग झगड़ा करने लगे। बताया कि वह अपनी भाभी और बेटे को डॉक्टर के पास ले गए थें। डॉक्टर के यहां छाड़ने के बाद बाहर निकले ही थे कि उनकी गाड़ी उठा ली गई थी। जबकि अस्पताल के सामने से गाड़ियां उठाने पर पाबंदी है। नगर निगम ने गाड़ी उठाने का ठेका निजी लोगों को दे दिया है। उसके बाद से ही अवैध वसूली के लिए शहर में किसी की भी गाड़ी उठा ली जाती हैं। इसको लेकर आए दिन विवाद भी होता है। जबकि कई बार और होटल के सामने गाड़ियां ऐसे ही खड़ी रहती हैं। उनको कोई नहीं उठाता है। आरोप है कि यह लोग महीने के हिसाब से इन बार और होटल वालों से अवैध वसूली करते हैं।
मामले की जांच का दिया आदेश
इस मामले में अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर नगर निगम कर्मचारियों की गलती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने जोन 7 की जोनल अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि अंकित नाम के कर्मचारी से विवाद हुआ है।
