पितरकुण्डा पोखरे पर चलने वाली संघ की प्रार्थना सभा पर सुतली बम फेंके जाने की सनसनीखेज घटना का सफल अनावरण - ripe news

Vishal Dubey
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 पितरकुण्डा पोखरे पर चलने वाली संघ की प्रार्थना सभा पर सुतली बम फेंक कर दहशतव अफरातफरी किये जाने व उसमें संघ शाखा के विजय जायसवाल को कुछ चोटों आने की घटना के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर सूचना प्राप्त हुयी जिसके सम्बन्ध में तत्कालका करते हुए घटित घटना के सफल अनावरण हेतु श्रीमान पुलिस उपायुक्त पणा जोन द्वारा टीम का गठन कर घटना के शीघ्र नाव घटना में सम्मिलित अभिपुगणों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। श्रीमान अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के कुशल निर्देशन व सहायक पुलिस आयुक्त के कुशल नेतृत्व में थाना प्रभारी सिगा अनूप कुमार शुक्ला व उनकी टीम में जानिए विजय प्रकाश यादव चौकी प्रभारी लल्लापुरा व उ०नि० प्रकाश सिंह क्राइम टीम थाना सिगरा द्वारा घटना के सम्बन्ध में सीसीटीवी फुटेज सर्विलास व अन्य श्रोतों के माध्यम से गहनता से तफ्तीश करते हुए घटना को कारित करने वाले अभियुकगणों को क्रमशः 1 प्रभुनाथ सिंह पुत्र स्व पारसनाथ सिंह निवासी ग्राम सिया राजापुर पाना मोहम्दाबाद गोहना थाना मऊ जनपद मऊ हाल पता सी 9317 हबीबपुरा थाना घेतगज बाराणसी 2 बकरीदू पुत्र मुनीर असारी निवासी मन सी 10/18 मोहल्ला जियापुरा थाना चेतगंज वाराणसी 3 मो० इम्तियाज उर्फ बाबू पुत्र मो० सुलेमान नि० सी 16/62 रागे की ताजिया लल्लापुर थाना सिगरा वाराणसी को आज दिनांक 01.11.21 को समय करीब 13:30 बजे मोहल्ला हबीबपुरा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगणों के सम्बन्ध में अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
 



अभियुक्तगणों से पूछताछ का विवरण । 


प्रभुनाथ सिंह पुत्र स्व० पारसनाथ सिंह नि०-ग्राम तिलेशवा (राजापुर) थाना मोहम्दाबाद गोहना जनपद मऊ, हालपता म.न. सी 9/317 मोहल्ला हबीबपुरा थाना चेतगंज जनपद वाराणसी उम्र वर्ष बदरियाफ्त पूछने पर जुर्म को स्वीकार करते हुए बतला रहे हैं कि साहब मुझसे गलती हो गयी मैं गाजा पीने का आदि हूँ रोज सुबह पितरकुण्डा पोखरे पर गांजा पीने आता था जहाँ पर मेरी मित्रता मेरे नसेडी साथी बकरीदू व मो० इम्तियाज उर्फ बाबू जो मेरे साथ पकड़े गये हैं हम लोग सुबह पितरकुण्डा पोखरे पर बैठकर गांजा पीते थे जहाँ पर विजय जायसवाल द्वारा बार-बार हम लोगों को पोखरे पर बैठकर नशा करने के लिये मना किया जाता था जिससे हम लोग अपने को अपमानितमहसूस करते थे तथा हम लोगों को शाखा लगने के कारण नशा करने में भी काफी परेशानी होती थी मैं घर नशा कर नहीं सकता था औरकोई अच्छा स्थान मुझे मिल नहीं रहा था एक दिन हम तीनो बैठकर सलाह किये कि किस तरह से यहाँ पर जो शाखा लगा रहे हैं उनको डरा कर कैसे भगाया जाय अभी 
आपस में चर्चा कर ही रहे थे कि मेरे साथी बकरूदू ने कहा कि तुम लोग परेशान क्यों हो मैं पहले सुतली बम बनाता था। जिससे मेरे हाथ के पंजे व अंगूठे उड गये है मुझे सुतली बम खरीदने में कोई परेशानी नहीं है आराम से मिल जायेगा जिस पर मैंने कहा कि मेरे घर रामायण है उसी के बहाने तुम मुझे सुतली बम दे दो मेरे घर वाले भी शक नहीं करेगे मेरे कहने पर बकरूदू ने पांच सौ रुपये में तीन सुतली बम दिया और बम को लेकर में पितरकुण्डा पोखरे पर आकर नीम के पेड़ के नीचे से संघ की लगी शाखा को जो पोखरे के अन्दर थी उनकी उराने के लिये तथा भगदड़ मचाने के लिये मैंने तीनों बम बारी बारी से फेका साहब मेरा केवल उद्देश्य यह था कि यहां पर संघ वाले नहीं आयेंगे तो हम लोग बैठ करके आराम से नशा का सेवन करेंगे, मैंने नहीं सोचा था कि मेरा यह छोटा सा काम इतना बड़ा हो जायेगा। मेरे परिवार वाले भी मेरी मददकरने को तैयार नहीं है मैंने काफी ईधर उधर सिफारश लगवाया लेकिन मेरा कोई मदद करने को तैयार नहीं है। आजअपने वकील साहब से मिलने के लिये हमलोग जाने की तैयारी कर रहे थे कि आप लोगों ने पकड़ लिया गल्ती हो गयी हम लोगों को बचा लीजिए. इतका कहते हुए अपना सिर झुकाकर खामोश हो गया। 




वाराणसी से अमन शुक्ला की रिपोर्ट

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