काशी विद्यापीठ ब्लाक विकास खंड के महमूदपुर गांव के पंचायत भवन पर संचालित दो आंगनवाड़ी केंद्रों पर गुरुवार को बच्चों व गर्भवती व धात्री महिलाओं को बांटे जा रहे चने का दाल,गेहूं, चावल सड़ा पाये जाने पर लाभार्थियों ने लेने से इनकार करते हुए विरोध किया।
लाभार्थियों का कहना था कि इस खाद्यान को इंसान तो क्या पशु भी नहीं खा सकते। बच्चे,गर्भवती व धात्री महिलायें इसे खाकर बीमार हो जायेगी। सड़ा खाद्यान बाटने की सूचना पर पहुचें क्षेत्र पंचायत सदस्य महबूब अली व ग्राम पंचायत सदस्य इम्तियाज हाश्मी, राज कुमार प्रजापति आदि ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि गांव में कुल आठ आंगनबाड़ी केंद्र चलता है। इन सभी केंद्रो पर खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की जा रही है। आरोप लगाया कि समय पर लाभार्थियो को खाद्यान का वितरण न करके कालाबाज़ारी कर दिया जाता है। गांव के बच्चे व गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिये संचालित योजना भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियो की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई है।
पंचायत भवन पर संचालित दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों पर 325 बच्चे है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फरीदा और ममता का कहना था कि तीन माह पहले इसी तरह से खाद्यान्न आया था हमें मजबूरन बाटना पड़ रहा है। विरोध करने वालों में साहिन, रूखसार, अफसाना, रुकईया, शाहिदा आदि लाभार्थी थे। इस बाबत सीडीपीओ स्वाति पाठक का कहना था कि दाल पैकेट में आता है वितरण में कुछ समय लग जाता है इसके थोड़ा खराब हो जाता है यह कोई इशु नहीं। घटना की जानकारी नहीं है सुपरवाइजर से बात करती हूं।
