SC-STअधिनियम को बनाया कमाई का जरिया, पहले मुआवजा लिया, फिर रुपये लेकर किया समझौता, ऐसे मामलों में अब होगी रिकवरी - ripe news

Vishal Dubey
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 SC ST Act was Made Means of Earning : एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज होने वाले मुकदमाें में पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन इस प्रावधान का कुछ लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वह मुकदमा दर्ज कराने के बाद मुआवजा भी हासिल कर लेते हैं और चार्जशीट दाखिल होने पर दूसरे पक्ष से भी रुपये लेकर समझौता कर लेते हैं या बयान बदल लेते हैं। ऐसे लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एसएसपी ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।

एससी एसटी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़ित को मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए जिला सर्तकता व अनुश्रवण समिति इसकी सुनवाई करती है। इसकी अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं। इसके लिए पैरवी करते हुए मुआवजे के लिए फाइल तैयार की जाती है। जिसे बाद में समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाता है। समिति के लोग जांच करने के बाद उसे आगे बढ़ाते या धनराशि स्वीकृति करते हैं। लेकिन देखने में आया है कि पीड़ित पक्ष मुआवजा लेने के बाद कोर्ट में अपने बयान बदल देता है। कुछ ऐसे भी होते हैं जो मुआवजे के साथ ही दूसरे पक्ष से भी पैसा लेकर समझौता कर लेते हैं। जिले में भी ऐसे केस सामने आए तो एसएसपी डा. ओपी सिंह को अवगत कराया गया।

इस पर उन्होंने अब ऐसे लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाकि अगर मुआवजा के बाद समझौता या वादी बयान बदलता है तो उससे मुआवजे की रकम की रिकवरी की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। एसएसपी ने एससी एसटी के मामलों में लंबित पड़ी मुआवजे की फाइलों को पूरा कर समिति के सामने रख धनराशि अनुमोदन कराने के निर्देश दिए। कहाकि जो भी मामले हैं, उनमें जांच के बाद मुअावजा दिलाया जाए। बता दें कि मुआवजे की रकम अपराध पर निर्भर करती है। मारपीट, छेड़छाड़, हत्या, दुष्कर्म आदि सभी मामले की मुआवजा धनराशि अलग होती है।

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