वाराणसी में एक हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने के लिए मंगलवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र और कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला नोकझोंक और धक्कामुक्की तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस सख्त हुई तो सभी के तेवर नरम पड़ गए। इसके बाद जाकर माहौल सामान्य हुआ। उधर, पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर का चालान कर दिया।
2 दिन से थाने में बैठाए हुए थी पुलिस
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री ऋषभ पांडेय ने बताया कि हमारे सीनियर और होटल संचालक विक्की कन्नौजिया को बेमतलब ही मारपीट के मामले में उठाया था। उन्हें 2 दिन तक सिगरा थाने में पुलिस ने बैठाए रखा। आज हम लोगों ने 2 दिन तक थाने में बैठाने का कारण पूछा तो पुलिस भड़क गई। हमें लाठी चार्ज करने की धमकी दी गई। उधर, कांग्रेस नेता प्रिंस राय खगोलन और उनके साथी कार्यकर्ताओं का कहना था कि पुलिस गलत कर रही है और हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्रसंघ महामंत्री ऋषभ पांडेय ने बताया कि हमारे सीनियर और होटल संचालक विक्की कन्नौजिया को बेमतलब ही मारपीट के मामले में उठाया था। उन्हें 2 दिन तक सिगरा थाने में पुलिस ने बैठाए रखा। आज हम लोगों ने 2 दिन तक थाने में बैठाने का कारण पूछा तो पुलिस भड़क गई। हमें लाठी चार्ज करने की धमकी दी गई। उधर, कांग्रेस नेता प्रिंस राय खगोलन और उनके साथी कार्यकर्ताओं का कहना था कि पुलिस गलत कर रही है और हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
दबाव बना रहे थे कि थाने से छोड़ दें
सिगरा इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विक्की कन्नौजिया को मारपीट के मामले में रविवार की रात को पकड़ा था। सोमवार को मेडिकल मुआयना के बाद उसे अदालत भेजा गया। तो मजिस्ट्रेट उठ गए थे। इस पर विक्की को वापस थाने लाकर रोजनामचे में विवरण दर्ज किया गया। आज कुछ लोग आकर अनावश्यक ही दबाव बनाने लगे कि उसे थाने से छोड़ दिया जाए। सभी को समझाया गया कि थाने से छोड़ना संभव नहीं है। यदि किसी को कुछ गलत लग रहा है तो उच्चाधिकारियों के पास जाकर शिकायत कर दें। थाने के सामने नाहक में नारेबाजी कर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को चेतावनी देकर हटा दिया गया है।
सिगरा इंस्पेक्टर अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विक्की कन्नौजिया को मारपीट के मामले में रविवार की रात को पकड़ा था। सोमवार को मेडिकल मुआयना के बाद उसे अदालत भेजा गया। तो मजिस्ट्रेट उठ गए थे। इस पर विक्की को वापस थाने लाकर रोजनामचे में विवरण दर्ज किया गया। आज कुछ लोग आकर अनावश्यक ही दबाव बनाने लगे कि उसे थाने से छोड़ दिया जाए। सभी को समझाया गया कि थाने से छोड़ना संभव नहीं है। यदि किसी को कुछ गलत लग रहा है तो उच्चाधिकारियों के पास जाकर शिकायत कर दें। थाने के सामने नाहक में नारेबाजी कर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को चेतावनी देकर हटा दिया गया है।

