NTA से छात्र-छात्राएं नाराज:BHU के बीएसी एग्रीकल्चर का एंट्रेंस एग्जाम कल, कई अभ्यर्थियों को नहीं मिले एडमिट कार्ड; सोशल मीडिया पर छेड़ी मुहिम

Vishal Dubey
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वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एंट्रेंस एग्जाम करा रही है। लेकिन NTA की कार्यपद्धति से अभ्यर्थियों में खासी नाराजगी है। इसे लेकर NTA के साथ ही BHU प्रशासन के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर मुहिम छेड़ रखी है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया जा रहा है। खामियों को नहीं सुधारा गया तो उनका साल बर्बाद हो जाएगा।

जिम्मेदार को सस्पेंड करो और जवाब दो

BHU एंट्रेंस एग्जाम की ऑनलाइन तैयारी कराने वाले प्लेटफॉर्म BHU WORLD ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि NTA परीक्षा के नाम पर मनमानी कर रहा है। लगातार खराब व्यवस्था और बेतुका परीक्षा का आयोजन जारी है। अब पानी सिर से ऊपर है। 6 अक्टूबर बीएससी एग्रीकल्चर का एंट्रेंस एग्जाम है और अभी तक अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड नहीं मिल पाया है। सारे कर्मों का जवाब दो, जिम्मेदार को सस्पेंड करो। छात्रों ने बॉयकॉट NTA मुहिम भी सोशल मीडिया पर छेड़ रखी है। वहीं, छात्र-छात्राओं की शिकायतों के बारे में BHU के परीक्षा नियंत्रक और कृषि विज्ञान संस्थान के डायरेक्टर से बात करने की कोशिश की गई तो किसी ने कॉल नहीं रिसीव नहीं की।

एलएलबी एंट्रेस को लेकर भी उठे थे सवाल

बीएससी एग्रिकल्चर एंट्रेंस एग्जाम के एडमिट कार्ड से पहले छात्रों ने BHU के एलएलबी एंट्रेंस एग्जाम को लेकर सवाल उठाया था। छात्रों का कहना था कि आप लोग छात्रों के साथ मनमानी कर रहे हैं। देश में ऐसा कोई विद्वान नहीं होगा जो इस बात का समर्थन करे कि लॉ एंट्रेंस एग्जाम में law से ज्यादा गणित के सवाल पूछे जाएं। इसके साथ ही छात्रों को आधा अधूरा प्रश्न दे रहे हैं, कई स्तर पे खामियां है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी के कुछ अन्य प्वाइंट्स

  • वाराणसी में BHU से संबद्ध DAV कॉलेज में एक भी सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल नहीं किया गया था। इस तरह से परीक्षा सेंटरों पर नकलचियों पर कंट्रोल करने की कारगर व्यवस्था नहीं है। NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
  • संगीत कोर्स के बांसुरी वादन के एंट्रेंस एग्जाम में 98 फीसदी सवाल सितार वाद्य यंत्र से पूछे गए थे। बांसुरी वादन की तैयारी करके आए अभ्यर्थी पेपर देखकर चौंक गए।
  • कोविड को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम और सैनिटाइजेशन के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
  • परीक्षा हॉल में 9 घंटे ड्यूटी करने वाले एक स्टाफ ने कहा कि आब्जर्वर, सेंटर सुप्रीटेंडेंट और इनविजिलेटर को उनका पारिश्रमिक कैश में देने की बात कही गई थी। अब तक पहले दिन की परीक्षा का पारिश्रमिक न तो कैश में मिला और न ही ऑनलाइन दिया गया।

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