KFC, मैकडॉनल्ड समेत 190 को नोटिस: खाद्य सामग्री पकाने में 3 बार से ज्यादा नहीं कर पाएंगे तेल का इस्तेमाल; लोगों पर मंडरा रहा कैंसर का खतरा

Vishal Dubey
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फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने नामी होटलों और रेस्टोरेंट्स को नोटिस भेजा है। - Dainik Bhaskar
फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने नामी होटलों और रेस्टोरेंट्स को नोटिस भेजा है।

रेस्टोरेंट के खाने से लोगों की सेहत को नुकसान न पहुंचे इसके लिए फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने केएफसी, मैकडॉनल्ड और डॉमिनोज समेत शहर के नामी फाइव स्टार होटलों और रेस्टोरेंट्स को एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि खाना पकाने में 3 बार से ज्यादा खाद्य तेल का इस्तेमाल न किया जाए। कानपुर में सोमवार को 190 कारोबारियों को यह नोटिस भेजा गया है।

पुराने तेल का बनाया जाएगा बायो-डीजल
फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि खाना पकाने में रिफाइंड, वनस्पति, सरसों का तेल या अन्य किसी भी खाद्य तेल का इस्तेमाल 3 बार से ज्यादा नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक इसके लिए शहर के बड़े खाद्य कारोबारियों को नोटिस भेजा गया है। उन्हें बताया जा रहा है कि वे प्रयोग किए गए खाद्य तेल से बायो-डीजल बना सकते हैं।

विभाग ने ऐप भी लांच किया
विजय प्रताप सिंह ने बताया कि ऑयल ब्रदर्स नाम का एक ऐप डिजाइन किया गया है। इसमें कानपुर में यूज्ड तेल लेने वाली कंपनी के नाम दिए गए हैं। इसमें खाद्य कारोबारी तेल देने के लिए कंपनी को आवेदन कर सकते हैं।

उनके मुताबिक कंपनी कारोबारियों के पास अपना कैन रख जाएगी। भर जाने पर उसे ले जाएगी। इसके लिए कारोबारियों को 25 से 40 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से रुपए मिलेंगे। अभी कानपुर में बायो डी एनर्जी नाम की कंपनी यह काम कर रही है। और प्रशासन ने कई और कंपनियों को भी आमंत्रित किया है।


सेहत के लिए है खतरनाक
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के मुताबिक एक बार खाद्य तेल के प्रयोग के बाद दोबारा खाद्य तेल प्रयोग करने से कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है। तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें धीरे-धीरे फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं। इस वजह से तेल में एंटी आक्सीडेंट की मात्रा खत्म होने लगती है। इसमें खतरनाक कीटाणु जन्म लेने लगते हैं। जो खाने के साथ चिपक कर हमारी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बॉडी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी तेजी से बढ़ जाती है।

9 हजार लीटर का लक्ष्य
यूपी में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट काफी तेजी से इस योजना का क्रियान्वयन करा रहा है। कानपुर में अभी हर महीने 1620 लीटर यूज्ड तेल निकल रहा है। इसे बढ़ाकर 9 हजार लीटर प्रति महीने तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

विभाग के मुताबिक योजना के तहत उन लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर समोसा, कचौड़ी, पूड़ी, पकौड़े या अन्य खाद्य सामग्री लगातार तेल में तलते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा सर्वे भी किया जा रहा है। इसके बाद एक बड़ा जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा।


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