एसआइटी को भी मिले थे जगत नारायण के नेपाल में छिपे होने के संकेत
बीते 27 सितंबर की रात तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में मनीष गुप्ता की मौत हुई थी और घटना के तीसरे दिन मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। क्राइम ब्रांच ने जब सर्विलांस व जगत नारायण के जरिये उसका लोकेशन निकलवाया तो वह नेपाल की तरफ निकला। बीते एक अक्टूबर की रात में क्राइम ब्रांच की टीम महराजगंज जिले में जाने वाली थी। महराजगंज से नेपाल सीमा सटी हुई है। क्राइम ब्रांच की तैयारी थी कि जिसके जरिये जगत नारायण नेपाल गया था, उस पर दबाव बनाकर जगत नारायण को गिरफ्तार करना। क्राइम ब्रांच की टीम कुछ कर पाती, इससे पहले ही मामला कानपुर एसआइटी (विशेष जांच दल) को स्थानांतरित हो गया था। बाद में एसआइटी की भी छानबीन में यह बाते संज्ञान में आईं कि दारोगा अक्षय मिश्रा को मनचाही पोस्टिंग दिलवाने में जगत नारायण की बड़ी भूमिका रही है। वह जिन-जिन जिलों में रहा है, वहांं अक्षय मिश्रा को अपने साथ ही रखता था। दोनों में इतनी पटती थी कि लखनऊ के चिनहट में दोनों ने आस-पास ही आलीशान मकान बनवाया है।
