यूपी कांग्रेस के नेता रहे राजेश पति त्रिपाठी और ललितेश पति त्रिपाठी ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की मौजूदगी में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। ललितेशपति के तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद अब चर्चाएं यह हैं कि वह सपा के सहयोग से मिर्जापुर की मड़िहान विधानसभा क्षेत्र से अगला चुनाव लड़ेंगे। ललितेश पति त्रिपाठी यूपी के पूर्व CM कमलापति त्रिपाठी के परपोते हैं। उनके पिता राजेश पति त्रिपाठी कांग्रेस के पूर्व MLC रह चुके हैं।
सोशल मीडिया में लिखा - खेला होबे..
टीएमसी ज्वाइन करने की जानकारी ललितेशपति ने सोशल मीडिया के जरिये दी। उन्होंने लिखा कि जो शांति और प्रेम की विचारधारा हमें विरासत में मिली है, जो समभाव के संस्कार हमें दिए गए हैं। उनसे बिना समझौता किए जनसेवा में स्वयं को समर्पित कर समाज की प्रगतिशीलता सुनिश्चित करना वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही संभव है। खेला होबे...।
पूर्वांचल का कद्दावर परिवार है प. कमलापति का
पंडित कमलापति का घराना पूर्वांचल में कांग्रेस का प्रथम परिवार कहलाता था। पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने तकरीबन एक माह पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। इसी के बाद से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकले लगाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि हमारे पास ममता बनर्जी जैसा नेतृत्व होगा तो यूपी के लोगों को हम भरोसा दिलाएंगे कि हम भाजपा से लड़ सकते हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने इसे बीते दिनों सिद्ध भी किया है। हम यूपी के लोगों से मशविरा करने के बाद ही ममता बनर्जी के पास आए हैं।
मैं जल्द आऊंगी बनारस, देखूंगी गंगा आरती
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह ललितेशपति के परदादा और राजेशपति के दादा पंडित कमलापति त्रिपाठी से 1983 में कोलकाता में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की बैठक में मिली थी। यह परिवार देश की आजादी की लड़ाई से अब तक देश की सेवा में ही लगा हुआ है। ललितेशपति ने अनुरोध किया है कि मैं वाराणसी आकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन करू और गंगा आरती में शामिल होऊं। हमने उन्हें आश्वस्त किया है कि जल्द ही बनारस आऊंगी।
