मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को रोजाना सुबह अपने दफ्तर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तान को सुबह दस से 12 तक अपने दफ्तर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका निस्तारण करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी कुछ अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। मुख्यमंत्री तक का आदेश नहीं मान रहे हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को सीएम योगी की तरफ से कराए गए रियलिटी चेक के बाद सामने आई है। बताया जा रहा है कि 30 जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान गैरहाजिर मिले हैं। 14 डीएम और 16 कप्तान अपने दफ्तरों में नहीं थे।
सीएम योगी के निर्देश पर सभी जिलों के डीएम और कप्तान की लोकेशन ली गई। इसमें पता चला कि कई जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान यानी एसपी और एसएसपी अपने दफ्तरों में मौजूद नहीं हैं। अधिकारियों के दफ्तर में लगे लैंडलाइन फोन पर कॉल कर अधिकारियों की लोकेशन पता की गई। मुख्यमंत्री के कार्यालय और मुख्य सचिव के कार्यालय से जिलाधिकारियों की लोकेशन चेक की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम लोगों की समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को रोजाना सुबह अपने दफ्तर में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तान को सुबह दस से 12 तक अपने दफ्तर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका निस्तारण करना अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी कुछ अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। मुख्यमंत्री तक का आदेश नहीं मान रहे हैं। इस बात की जानकारी शुक्रवार को सीएम योगी की तरफ से कराए गए रियलिटी चेक के बाद सामने आई है। बताया जा रहा है कि 30 जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान गैरहाजिर मिले हैं। 14 डीएम और 16 कप्तान अपने दफ्तरों में नहीं थे।
सीएम योगी के निर्देश पर सभी जिलों के डीएम और कप्तान की लोकेशन ली गई। इसमें पता चला कि कई जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान यानी एसपी और एसएसपी अपने दफ्तरों में मौजूद नहीं हैं। अधिकारियों के दफ्तर में लगे लैंडलाइन फोन पर कॉल कर अधिकारियों की लोकेशन पता की गई। मुख्यमंत्री के कार्यालय और मुख्य सचिव के कार्यालय से जिलाधिकारियों की लोकेशन चेक की गई।
