केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान को साकार करने में जुटे बिजली विभाग को काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी। विभाग का लक्ष्य है कि मार्च 2022 तक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन लास 14 फीसद तक करना है। इसके लिए विभाग राजस्व बढ़ाने पर जोर दे रहा है। बात वर्तमान हालात की करें तो बिजली खरीद के मुकाबले राजस्व की वसूली नहीं हो रही है। जिसका नतीजा है कि यूपीपीसीएल पर 22 हजार करोड़ रुपये बकाया है। वहीं पूर्वांचल डिस्काम हर माह केवल 72 फीसद ही राजस्व वसूली कर पा रहा है। जबकि 26 फीसद डिस्ट्रीब्यूशन लास दिखा रहा है।
आजमगढ़, बस्ती और मीरजापुर राजस्व वसूली में फिसड्डी
पूर्वांचल डिस्काम के अधीन आजमगढ़, बस्ती, मीरजापुर जोन राजस्व वसूली में फिसड्डी हैं। 14 फीसद डिस्ट्रीब्यूशन लास का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हर माह लगभग 13 सौ करोड़ राजस्व वसूलना होगा।
