शहर से लेकर गांव तक लोगों को परेशान करने के बाद डेंगू ने अब एलआईयू व पुलिसकर्मियों को डरा दिया है। गत एक सप्ताह में एलआइयू कार्यालय के सात से अधिक कर्मचारी डेंगू की चपेट में आए, जिनका निजी हास्पिटल में इलाज चल रहा है। इसी परिसर में रहने वाले ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी बीमार हैं। डेंगू की दहशत का आलम ये है कि कर्मचारियों ने काम करने के लिए कार्यालय आना बंद कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
दरअसल, एलआइयू कार्यालय-काेतवाली परिसर में और आस-पास पेजयल पाइप लाइन में लीकेज है। इसके चलते कई जगहों पर पानी जमा हैं। वहीं छत से लेकर परिसर में कबाड़ की भरमार है। शाम की बात तो छोड़ ही दीजिए, भरी दोपहरी में यहां मच्छर काटने लगते हैं। अपने स्तर से बचाव के प्रयास करने के साथ की कर्मचारियों ने कई बार संबंधित महकमे में शिकायत की। मगर न तो लीकेज ठीक हुई और न ही मच्छरों की समस्या से निजात मिली। जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि सोमवार को कोई पुष्ट मरीज नहीं मिला है। रैपिड जांच में केवल तीन संदिग्ध मिले हैं। जिले में पुष्ट डेंगू मरीजों की संख्या 114 व संदिग्धों की संख्या 1461 है। वहीं मलेरिया के अब तक 106 मरीज मिले हैं। लार्वा रोधी अभियान के तहत कई मोहल्लों में जांच की गई। 18 स्थानों पर एंटी लार्वल का छिड़काव किया गया, तो वहीं 185 घरों में सोर्स रिडक्शन किया गया। 12 गांव में दवा का छिड़काव किया गया तो वहीं 10 में फागिंग कराई गई।
