तबलीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिकों के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद प्रदेश शासन स्तर से अपर महाधिवक्ता विनोद कांत और कृष्णन पहल पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शनिवार को वकीलों में इस बात की चर्चा जोरों पर रही।
हाई कोर्ट के आदेश को संबंधित अधिकारियों तक समय से नहीं पहुंचाने, कोर्ट को भ्रमित करने और सही जानकारी नहीं देने के मामले में हाईकोर्ट में विधि परामर्शी को तलब किए जाने के बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट की नाराजगी को देखते हुए सरकारी पैनल से दो अपर महाधिवक्ता सहित चार विधि अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है। चर्चा यह भी है चारों लोगों से इस्तीफे लिए गए हैं।
अपर महाधिवक्ता विनोद कांत और कृष्णन पहल ने इस बात को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को दिन भर कार्यक्रम की व्यवस्ता में ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है। कानून मंत्री बृजेश पाठक ने भी पुष्टि से इनकार किया है। उनका कहना है की उन्होंने प्रमुख सचिव न्याय प्रमोद कुमार श्रीवास्तव से पूछा था। उनका कहना है कि उनके पास न तो ऐसा कोई प्रस्ताव आया है और न ही ऐसी कोई जानकारी मिली है। चर्चा यह भी रही कि पूरे मामले को रफा-दफा करने के भी प्रयास हो रहे हैं।
