बीएचयू का वैदिक विज्ञान केंद्र भारत के प्राचीन ज्ञान पर आधारित तीन नए विशेष कोर्स इस सत्र से शुरू कर रहा है। सत्र 2021-22 से वैदिक गणित में डिप्लोमा, वैदिक विज्ञान में डिप्लोमा, वैदिक विधि शास्त्र और वैदिक चित्त विज्ञान में स्नातकोत्तर डिप्लोमा समेत कुल कोर्सों के संचालन को मंजूरी मिली है। वहीं इनमें से एक चित्त विज्ञान कोर्स को जल्द ही शुरू किया जाएगा। हर कोर्स में 50-50 सीटें होंगी और वैदिक विज्ञान केंद्र को विश्वविद्यालय द्वारा इसके संचालन की प्रशासनिक संस्तुति दी गई है।
सप्ताह भर में इसका विज्ञापन भी जारी हो जाएगा। बीएचयू वैदिक विज्ञान के समन्वयक प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि वैदिक विज्ञान में निहित तत्वों को शैक्षणिक और एकेडमिक तंत्र में शामिल करने में इन कोर्सों की अच्छी भूमिका होगी। इससे न केवल देश की विरासत और प्राचीन साहित्य को सहेजने का काम होगा बल्कि प्राचीन विज्ञान से वर्तमान की चुनौतियों को कम करने में मदद भी मिल सकेगी। अभी तक भारत के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में वैदिक ज्ञान-विज्ञान पर इतने आधारित पाठ्यक्रम नहीं चल रहे हैं।
