बंगरा बाजार, देवरिया : स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आपदा को भी अवसर में बदल लिया है। समसामयिक पर्व को आजीविका का सहारा बना रही हैं। मास्क व यूनीफॉर्म सिलाई के बाद उनका जोर रक्षाबंधन पर है। तरह-तरह की 15 हजार लुभावनी राखी तैयार कर बाजार में हुनर का प्रदर्शन करेंगी। पांच से 20 रुपये तक कीमत वाली उनके हाथों से बनाई गई राखी भाइयों की कलाई की शोभा बनेंगी ।ग्रामीण महिलाओं के लिए यह कोई मुश्किल कार्य नही है। गांव में गठित समूहों के खाते में पर्याप्त धनराशि है। ऐसे में नया कारोबार शुरू करने को कच्चा माल खरीदने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। वर्तमान में बनकटा ब्लाक की महिलाएं रंग- बिरंगी राखी बनाने का काम कर रही हैं। महिलाएं रोजाना करीब 200 राखी तैयार कर रही हैं। 15 हजार राखी बनाने का लक्ष्य है। कई तरह की राखियों का हो रहा निर्माण :
सोहनपुर निवासी दुर्गा समूह की अध्यक्ष आरती देवी, अंजली, आराधना, गुंजन ने बताया कि सिवान बिहार से धागा, मूर्ति समेत राखी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री की खरीदारी की है। जिससे कई तरह की राखियां बनाई जा रही है। हर राखी की खरीदारी में दो से पांच रुपए खर्च आ रहा है। बाजार में इनकी कीमत पांच से 20 रुपये है। रक्षाबंधन नजदीक आने पर दुकानदार को इसकी बिक्री की जाएगी। प्रत्येक राखी पर तीन से 15 रुपये मुनाफा होगा। आनलाइन हो रहा प्रचार :
