भारत-नेपाल सीमा पर दवाओं की तस्करी के पीछे टैक्स चोरों का बड़ा रैकेट काम कर रहा है। नौतनवां के जमुई कला में पकड़ी गई 686 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं के मामले में हो रही जांच में इसके संकेत मिल रहे हैैं। यह रैकेट अरबों रुपये का टैक्स चोरी कर नेपाल को सस्ता नशा मुहैया करा रहा है। नेपाल सरकार दवाओं की प्रकृति के अनुसार पांच से 30 फीसद तक कस्टम शुल्क लेती है। इस मामले में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा बन रहा है। यही टैक्स बचाने के लिए 686 करोड़ रुपये की दवाएं नेपाल सीमा पर डंप की गई थीं। गोविंद गुप्ता टैक्स चोरी के इस खेल का शातिर खिलाड़ी है और कुछ दवा कारोबारी इस खेल के साथी। गोरखपुर से महराजगंज तक के ये कारोबारी माल मंगाने का काम देखते हैं और गोविंद नेपाल भिजवाने का। इसमें चार गोरखपुर और एक सिसवा का बताया जा रहा है।
