टाेक्यो ओलिंपिक में भारतीय पुरूष हाकी टीम ने कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया। 1980 के बाद ओलिंपिक में पहली बार भारत ने पदक अपने नाम किया। पीलीभीत के खिलाड़ी सिमरजीत सिंह के दो गोल की बदौलत भारत ने दो बार पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए कांस्य पदक के प्ले ऑफ मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से हराकर ओलिंपिक में 41 साल बाद इतिहास स्वर्णिम कर दिया। जीत के बाद टोक्यो से हाकी खिलाड़ी सिमरजीत सिंह की फोन पर दैनिक जागरण संवाददाता से हुई बातचीत के अंश...
प्रश्न : भारतीय टीम के 1-3 से पिछड़ने के बाद दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागने का अनुभव कैसा रहा?
उत्तर : शब्द नहीं है। भारतीय हाकी का दशकों का इंतजार अब पूरा हुआ। शानदार अनुभव है मेरे लिए, मेरी टीम के लिए, पूरे भारत के लिए। ये जीत नहीं, एक सपना था। आज पूरा हुआ।
