कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में रोहनिया पुलिस ने विवेचना पूरी कर सात आरोपियों आजाद जायसवाल निवासी सिगरा, महेश कुमार सिंह रोहनिया, शिवाकांत उर्फ शिव निवासी कानपुर नगर, स्वपनिल केसरी निवासी चंदौली, दिनेश कुमार यादव निवासी मैदागिन, आशीष यादव निवासी जैतपुरा और भोला प्रसाद निवासी आदमपुर (शैली ट्रेडर्स का प्रोपराइटर) के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस विवेचना में सामने आया कि अभियुक्तों ने कागजी और फर्जी फर्मों का जाल खड़ा कर हवाला से मिले धन को बैंकिंग चैनल में डालने की सुनियोजित व्यवस्था बना रखी थी। नकद पहले विभिन्न फर्जी फर्मों के खातों में जमा की जाती, फिर उन्हें अलग-अलग खातों से ट्रांसफर कर शैली ट्रेडर्स तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस ने की कार्रवाई
तीन ऐसे फर्म सिंह मेडिकोस, अलउकाबा और एसपी फार्मा में 12 करोड़ रुपये जमा हुए। विवेचना में सामने आया कि तीनों फर्म के नाम पर वहां कुर्सी टेबल, गद्दा मिला। पुलिस ने जांच में ई-वे बिल, बैंक स्टेटमेंट, सीसीटीवी फुटेज, आईटीआर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), टोल डेटा, बैंक मैनेजर और कैशियर के बयान, स्वतंत्र गवाहों के बयान, औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला रामनगर की जांच रिपोर्ट और दवा कंपनियों की रिपोर्ट शामिल की।
सिरप को शुभम और भोला जायसवाल के निर्देशन में अज्ञात स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था। इसके बाद बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाया जाता और वहां 10 गुना ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। कागजों में खरीद-बिक्री केवल दिखावे के लिए होती थी, जबकि असली कारोबार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा था।
आपराधिक इतिहास
शैली ट्रेडर्स के संचालक और आरोपी भोला प्रसाद अन्य अभियुक्तों पर वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली, गाजियाबाद, मिर्जापुर, रांची सहित कई जिलों में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इससे यह साफ है कि यह गिरोह वर्षों से नशीली दवाओं की तस्करी में संलिप्त रहा है।