वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह, अधिवक्ता रितेश बहादुर सिंह एवं अधिवक्ता मुकेश सिंह की प्रभावी पैरवी से मिला न्याय
मुख्य खबर:
वाराणसी, 8 सितम्बर 2025 –
जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी की कोर्ट संख्या-05 ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए त्रिलोकी पटेल,किशोरी पटेल, राम सजीवन,नंदलाल शुक्ला एवं राजन केशरी को हत्या के गंभीर आरोप (धारा 302, 201 भा.दं.सं.) से बरी कर दिया  ।
यह मामला वर्ष 2009 में थाना-रोहनियाँ, जनपद वाराणसी क्षेत्र की एक हत्या से संबंधित था। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर साजिशन हत्या और शव छिपाने का आरोप लगाया था, किंतु लम्बी सुनवाई के बाद न्यायालय ने पाया कि प्रस्तुत साक्ष्य संदेह से परे नहीं हैं।
फैसले में न्यायालय ने कहा:
साक्ष्य में गंभीर विरोधाभास हैं और अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। अतः भारतीय न्याय प्रणाली के सिद्धांत “संदेह का लाभ अभियुक्त को दिया जाएगा” के तहत सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त किया जाता है।
अधिवक्ताओं की भूमिका:
इस महत्वपूर्ण मुकदमे में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह, अधिवक्ता रितेश बहादुर सिंह एवं अधिवक्ता मुकेश सिंह ने प्रभावशाली पैरवी करते हुए अदालत को यह संतुष्ट किया कि आरोप प्रमाणित नहीं होते।