UP: पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए विन्ध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब की पहल: मिर्ज़ापुर के जिला अस्पताल की बदहाली पर सवाल

Vishal Dubey
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**पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए एक नया कदम**  
विन्ध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब ने पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संगठन के जिला अध्यक्ष रोहित गुरु त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि किसी पत्रकार को असंवैधानिक, अनैतिक या अनुचित तरीके से परेशान किया जाता है, जिससे पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंचे, तो संगठन पीड़ित पत्रकार के साथ दृढ़ता से खड़ा होगा। रोहित गुरु त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी स्थिति में संगठन पीड़ित पत्रकार को हर संभव सहायता प्रदान करेगा, ताकि उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा हो सके।

यह पहल पत्रकारिता जगत के लिए एक सकारात्मक संदेश है। पत्रकार, जो समाज में सच्चाई और पारदर्शिता का प्रतीक हैं, अक्सर अपने निर्भीक कार्यों के कारण निशाने पर आते हैं। ऐसे में विंध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब का यह कदम न केवल पत्रकारों के बीच विश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में काम करने का हौसला भी देगा। संगठन का यह प्रयास पत्रकारिता के मूल्यों को संरक्षित करने और पत्रकारों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है।

**मिर्ज़ापुर के जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार और बदहाली का आलम**  
दूसरी ओर, मिर्ज़ापुर का मंडलीय अस्पताल, जो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र में स्थित है, बदहाली और भ्रष्टाचार का शिकार बना हुआ है। यह अस्पताल, जो क्षेत्र की जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र होना चाहिए, आज भ्रष्टाचार, लूट और अराजकता का पर्याय बन चुका है। दवाओं की कमी, कर्मचारियों की मनमानी और मरीजों के साथ हो रही लूट ने इस अस्पताल को जनता के लिए अभिशाप बना दिया है।

मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं। कर्मचारी प्राइवेट दवा दुकानों और एक्स-रे क्लीनिकों से साठ-गांठ कर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। गंभीर बात यह है कि कुछ शीर्ष अधिकारी इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। हाल ही में, अमर उजाला के एक पत्रकार पर अस्पताल की अनियमितताओं को उजागर करने के कारण हमला और गाली-गलौज की घटना इसका स्पष्ट उदाहरण है। यह घटना न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सच्चाई को सामने लाने वालों को कितने खतरों का सामना करना पड़ता है।

**जनता की मांग और पत्रकारों की भूमिका**  
मिर्ज़ापुर की जनता अब इस बदहाली से तंग आ चुकी है। लोग चाहते हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और अस्पताल में मरीजों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगे। यह चिंताजनक है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के संसदीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं इतनी दयनीय स्थिति में हैं। यह न केवल प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाता है।

ऐसे में पत्रकारों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्रकार न केवल समाज की समस्याओं को उजागर करते हैं, बल्कि जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का काम भी करते हैं। विन्ध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब जैसे संगठन इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं, जो पत्रकारों को निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

**निष्कर्ष**  
विन्ध्य इंडियन प्रेस सोशल क्लब का पत्रकारों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए उठाया गया कदम स्वागतयोग्य है। यह न केवल पत्रकारों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में सच्चाई और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा। दूसरी ओर, मिर्ज़ापुर के मंडलीय अस्पताल की बदहाली और भ्रष्टाचार सरकार और प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती है। केंद्र और राज्य सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अस्पताल फिर से मरीजों के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय जगह बन सके। पत्रकारों और जनता की एकजुटता से ही इस तरह की समस्याओं का समाधान संभव है।

*निर्मल दुबे ब्यूरो चीफ मिर्जापुर विंध्याचल मंडल उत्तर प्रदेश।*

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