UP में बिजली कर्मचारियों में दो फाड़, बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल का किया ऐलान।

Vishal Dubey
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लखनऊ में बिजली कर्मचारियों ने चेयरमैन को हटाने, निजीकरण रोकने और पुरानी पेंशन समेत कई मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया है। इस दौरान आंदोलन में कर्मचारियों को आपसी रार भी सामने आ गई है। एक तरफ बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। वहीं, उप्र पावर ऑफिसर एसोसिएशन ने दो घंटे अतिरिक्त काम करने का ऐलान किया है। ऊर्जा मंत्री से वार्ता करने के बाद उनको ज्ञापन दिया और कहा कि जरूरत पड़ी तो 24 घंटे काम किया जाएगा। प्रदेश में बिजली व्यवस्था में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
्सीरएम से गुहार लगाने की मांग

बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने हड़ताल पर जाने से पहले इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की मांग की है। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि हम हड़ताल मजबूरी में कर रहे है। ऊर्जा मंत्री ने लिखित समझौता करने के बाद अब हमारी मांगों को मानने से इंकार कर दिया है। ऐसे में हड़ताल पर जाना हमारी मजबूरी है।

50 हजार कर्मचारी करेंगे कार्य बहिष्कार में शामिल

नियमित और संविदा मिलाकर करीब 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर रहे है। 23 साल बाद कल यानी 16 मार्च से हड़ताल करने का कर्मचारियों ने फैसला किया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लिखित आश्वासन के बाद भी सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। ऐसे में कर्मचारियों ने 16 मार्च से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का आरोप है कि 3 दिसंबर 2022 को मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसको लेकर लिखित समझौता हुआ था। मगर, तीन महीने बीत जाने के बाद कॉर्पोरेशन प्रबंधन और मंत्री दोनों अपनी बात से मुकर रहे है।

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