ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस की वादिनी राखी सिंह की ओर से बुधवार को वाराणसी के जिला जज की कोर्ट में उनके एडवोकेट शिवम गौड़ ने एक एप्लिकेशन दाखिल की। मांग की कि ज्ञानवापी परिसर के कमीशन की कार्रवाई में शामिल रहे एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया जाए।
एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की रिपोर्ट प्रस्तुत न किया जाना और स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर के साथ उनके मतभेद कमीशन की कार्रवाई के उद्देश्य को विफल कर रहे हैं। साथ ही, कमीशन की विश्वसनीयता पर संदेह की छाया भी पैदा कर रहे हैं। यह मुकदमे के लिहाज से अपूरणीय क्षति है। अजय की रिपोर्ट और गवाही निश्चित रूप से इस मुकदमे के उचित निर्णय के लिए कोर्ट की सहायता करेगी।
5 दिन हुई थी कमीशन की कार्रवाई
एडवोकेट शिवम गौड़ ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्रवाई के एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था। उस कमीशन की कार्रवाई इस साल बीते मई महीने में 6, 7, 14, 15 और 16 तारीख को हुई थी। कमीशन की कार्रवाई में शुरू से अंत तक एडवोकेट अजय कुमार मिश्रा मौजूद थे।
बाद में स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने कोर्ट में कहा था कि एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा रिपोर्ट जमा करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर लोअर कोर्ट ने स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर को उनकी अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
