18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है। 21 जुलाई को देश को नया राष्ट्रपति मिलने वाला है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू हैं। वो अपने लिए वोट देने की अपील कर रही है। उनकी डिनर पार्टी में सुहेलदेव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर भी शामिल हुए। जिन्होंने सपा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा। इससे पहले अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव भी इस डिनर पार्टी में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने साफ कहा था कि वो द्रौपद्री मुर्मू केा ही वोट करेंगे।
पीएम-राष्ट्रपति कानपुर में, फिर भी दंगे हुए
योगी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर ओपी राजभर ने कहा, "स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़झाला किया गया। जिस तरीके के आज यूपी के हालात हैं। बेरोजगारी बढ़ गई है। कानपुर में प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति मौजूद रहे। वहां पर हिंसा हो गई, दंगा हो गया। सरकार के पास कोई भी खुफिया तंत्र मजबूत नहीं है। सब हवा-हवाई बातें कर रही है।
सीएम ने लगाई विपक्ष में सेंध
सीएम योगी ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की गोलबंदी में सेंध लगाई है। द्रौपदी मुर्मू के सम्मान में सीएम आवास पर शुक्रवार रात डिनर रखा गया था। इसमें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा सपा विधायक शिवपाल यादव और गठबंधन के सहयोगी सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर शामिल हुए। राष्ट्रपति चुनाव के बहाने विपक्षी दलों की फूट का असर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी दिखने के आसार हैं।
बढ़ जाएंगे द्रौपदी के मत
भाजपा गठबंधन के पास 273 विधायक है। शिवपाल, सुभासपा के छह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के 2 विधायकों के मत मिलने के बाद यह संख्या 281 पहुंच जाएगी। सूत्रों के मुताबिक बसपा के एकमात्र विधायक उमाशकर सिंह का वोट भी मुर्मू को मिल सकता है। इसके अलावा बसपा के 10 सांसदों के वोट भी द्रौपदी को मिल सकते हैं।
