UPSTF की वाराणसी इकाई और झारखंड पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में मुन्ना बजरंगी गैंग के 2 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

Vishal Dubey
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UPSTF की वाराणसी इकाई और झारखंड पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में बीती रात मिंट हॉउस इलाके से मुन्ना बजरंगी गैंग के 2 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। बीती 22 सितंबर की शाम 7 बजे ढाबा पालू थाना ओरमांझी जनपद रांची में जीतराम मुण्डा की गोलीमार कर हत्या कर दी गयी थी। पकड़े गए अभियुक्त इसी ह्त्या में शामिल थे। अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद की गयी है। 

प्रदेश में सक्रिय संगठित अपराधिक गैंगों एवं अपराधियों के सफाये के सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, द्वारा एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को प्रभावी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। इसी दौरान झारखण्ड पुलिस द्वारा अवगत कराया गया कि  रांची झारखण्ड में हुई बीजेपी नेता जीतराम मुण्डा की हत्या के सम्बन्ध में थाना ओरमांझी जनपद रांची झारखण्ड पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 159/21 धारा 302, 307, 324,120बी आईपीसी व 25(1-बी)ए, 26, 27, 35 आर्म्स एक्ट में वांछित अभियुक्त अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह व राजीव कुमार सिंह के जनपद वाराणसी व जनपद जौनपुर में होने की सम्भावना है। 

इस संबंध में थाना ओरमांझी की पुलिस टीम द्वारा एसटीएफ की वाराणसी इकाई से आवश्यक सहयोग मांगा गयाा था। इस सम्बन्ध में STF के वाराणसी इकाई के निरीक्षक पुनीत परिहार व निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ वाराणसी ईकाई की टीम व झारखण्ड पुलिस टीम द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर बुधवार को उक्त अभियुक्तगण अजीत प्रताप सिंह उर्फ लल्लन सिंह  निवासी ग्राम काजीहद, थाना नेवढ़िया, जनपद जौनपुर व राजीव कुमार सिंह निवासी खुनसापुर, थाना बक्शा, जनपद जौनपुर को मिन्ट हाउस तिराहा थाना कैण्ट जनपद वाराणसी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

उक्त गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में यह भी बताया कि दोनों आपस में ममेरे भाई है और मुन्ना बजरंगी से इनका सम्बन्ध बहुत पुराना था। अजीत के पिता गजराज सिंह द्वारा मुन्ना बजरंगी को अपराध के शुरूआती दिनों में काफी सहयोग किया गया था और अपने यहां शरण दिया गया था। गजराज सिंह का कैलाश दूबे से चुनावी रंजिश था, जिसके कारण गजराज सिंह द्वारा कैलाश दूबे की हत्या मुन्ना बजरंगी से करा दिया गया था। इस मुकदमें में मुन्ना बजरंगी, गुड्डू यादव, राजेश दूबे, गजराज सिंह व विजय प्रताप सिंह उर्फ आलम सिंह अभियुक्त बने थे। गजराज सिंह की मृत्यु व आलम के जेल जाने के बाद मुन्ना बजरंगी गैंग से जुडे तमाम लोग इनके सम्पर्क में आ गये और इनके द्वारा शरण पाने लगे। इसी दौरान इनका सम्पर्क अमन सिंह हो गया, ये लोग मुन्ना बजरंगी गैंग के शुटरों के साथ-साथ अमन सिंह के शूटरों को भी अपने यहॉं पनाह देने लगे तथा अमन सिंह और उसके गैंग के माध्यम से ये लोग धनबाद झारखण्ड में अपना कोयले का कारोबार चलाना चाह रहे थे।

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तों को झारखण्ड पुलिस द्वारा थाना कैण्ट वाराणसी में दाखिल कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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