विधानसभा में पहले दिन बुधवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लखीमपुर हिंसा पर आई एसआईटी रिपोर्ट को लेकर हंगामा शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्य जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और सपा के विधायक धरने पर बैठ गए।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के निर्देश पर नेता सदन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर तथा तमिलनाडु में कुन्नूर के निकट हुई हेलीकाप्टर दुर्घटना में देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अफसरों के निधन की सूचना दी। सीएम योगी ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगतों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि संसार की गति है कि जो आता है, सो जाता है। जीवन क्षणभंगुर है। सबको अपना दायित्व निर्वहन करते हुए जाना है, यह ध्रुव सत्य है। इतिहास में कई लोग कुछ ऐसा असाधारण कर जाते हैं कि इतिहास में हस्तक्षेप हो जाता है। वे समाज और संस्कृति को नए सूत्र देते हैं। हमारे हृदय, ज्ञान, प्रज्ञा को भीतर तक प्रभावित करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, सदन में बसपा के नेता उमाशंकर सिंह, कांग्रेश विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना और अपना दल सोनेलाल के नेता हरिराम ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने भी दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी। दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए सदन ने मौन धारण किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वहीं विधान परिषद की कार्यवाही के पहले दिन परिषद के पूर्व सदस्यों, सीडीएस विपिन रावत व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश कर शोक संतृप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। इसके बाद कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित हो गई।
