यूपी कालेज ने कृषि संकाय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) से एक्रीडिटेशन की तैयारी तेज कर दी है। इस क्रम मूल्यांकन कराने का प्रस्ताव आइसीएआर को भेजा जा चुका है। नव नियुक्त प्राचार्य डा. धर्मेंद्र सिंह ने एक माह के भीतर सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) आइसीएआर भेजने का निर्णय लिया है। कहा, कालेज का कृषि संकाय पहले से ही काफी समृद्ध है। अब इसे विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास होगा। इसके लिए शोध को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से चयनित विधि विभाग, बरेली कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. धर्मेंद्र सिंह ने सुबह 10.30 बजे यूपी कालेज के प्राचार्य का कार्यभार संभाला। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बताया कि छात्रहित ही पहली प्राथमिकता होगा। इस क्रम में और बेहतर शैक्षणिक परिवेश बनाने के लिए विद्यार्थियों से भी फीड बैक लिया जाएगा। कहा कि अब 25 फीसद आनलाइन पढ़ाई अनिवार्य होगी। इसके लिए पहले ही दिन शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। कहा कि परीक्षाओं के भांति कालेज स्तर पर शोध प्रवेश परीक्षा कराने के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति से वार्ता की जाएगी ताकि शोध को गति और संस्था को नैक से ए ग्रेड मिल सके। कहा कि छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही छात्रों को आवंटित किया जाएगा। पहले दिन उन्होंने सभी विभागों व अनुभागों के अलावा कृषि डेयरी, पोल्ट्री फार्म सहित का भी निरीक्षण किया। यूपी कालेज को करीब आठ साल बाद स्थायी प्राचार्य मिला है। आयोग से चयनित प्राचार्य गुलाब सिंह वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद आयोग के डा. धर्मेंद्र सिंह चयनित हुए हैं।
