उधर, सारनाथ के वरुणा नदी के तटीय इलाके दीनदयालपुर में तकनीकी खराबी के चलते पायलट ने उतार दिया। एयर बैलून उतरते ही क्षेत्रीय लोगो की उत्सुकता से भीड लग गयी। बैलून को पुनः उड़ाने का प्रयास किया लेकिन नहीं उड़ सका। उसमें सवार दो लोगो के साथ बैलून को वाहन से टीम ले गयी।
डोमरी से भरी उड़ान, विभिन्न जगहों पर हुई लैंडिंगहवा का रूख देख कंपनी के इंजीनियरों ने डोमरी से गुब्बारें को उड़ाया तो सभी गुब्बारे अलग-अलग क्षेत्रों में उड़ते चले गए। करीब 40 मिनट से एक घंटे तक आसमान में उड़ने के बाद सभी गुब्बारे विभिन्न क्षेत्रों (हनुमान मंदिर शिवपुर लिंक रोड, पुसौर पुल, दनियालपुर, लोहता, बरहौली, काशी विद्यापीठ) में टेकआफ किए। छावनी क्षेत्र में पहुंचा गुब्बाराडोमरी से उड़ान भरकर एक गुब्बारा छावनी क्षेत्र में पहुंचा गया। आसमान में गुब्बारा देख 39 जीटीसी कैंपस में तैनात बल सतर्क हो गया। हालांकि बाद में जिला प्रशासन ने उनको अवगत कराया। लोगों में था कौतुहल का विषय, इंटरनेट मीडिया भी रहा गुलजारबुधवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो विभिन्न क्षेत्रों में बड़े-बड़े गुब्बारे देखकर आश्चर्यचकित थे। लोगों में कौतुहल का विषय था। हाट एयर बैलून फेस्टिवल दिनभर इंटरनेट मीडिया में ट्रेंड में रहा। 18 और 19 नवंबर के सभी टिकट फुलहाट एयर फेस्टिवल के लिए टिकट पर्यटन विभाग के कार्यालय से बुक किया जा रहा था। 18 और 19 नवंबर को चार सौ लोगों को गुब्बारे से सैर कराने की तैयारी है। दोनों दिन के लिए आठ सौ टिकट देर शाम तक बुक हो गए।
